कालपी। अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने हाथ कागज उत्पादन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कागज के बनाने की विधि को देखकर गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड विभाग के द्वारा 1958 में हाथ कागज उत्पादन केंद्र की स्थापना कराई गई थी। यहां हाथ कागज बनाने का कार्य सिखाया भी जाता है। माल की बिक्री तकनीकी तथा आर्थिक समस्या की वजह से उत्पादन केंद्र वर्ष 1998 मे बंद हो गया था। अपर मुख्य सचिव ने उत्पादन केंद्र को शुरू करने के लिए वर्ष 2020 मे शासकीय धन आवंटित कराया था। इसके चलते नए सिरे से उत्पादन केंद्र की शुरुआत की गई। कार्य की हकीकत को परखने के लिए अपर मुख्य सचिव शुक्रवार की शाम को परिसर में पहुंचे। उन्होंने हाथ के द्वारा तैयार हो रहे पल्प तथा फाइल कवर शीट, कागज के उत्पाद की विधि को देखा। इसी प्रकार डाई कटिंग मशीन के बक्सों एवं प्रेस मशीन का भी निरीक्षण किया। एसडीएम कौशल कुमार, जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त योगेश कामेश्वर,सूचना अधिकारी केबी मिश्रा,हाथ कागज उत्पादन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य शिशुपाल गोयल आदि रहे। केंद्र के सहायक निदेशक उद्योग मनोज दिवाकर ने बताया कि केंद्र में कागज बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान उत्पादन केंद्र के एडीओ प्रथम संतोष, गोरेलाल, कताई पर्यवेक्षक ज्ञानचंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।