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यूपी: चुनावी शंखनाद से पहले स्वतंत्रदेव पहुंचे माता के दरबार, कन्याओं का लिया आशीर्वाद
Wed, 13 Oct 2021 01:19 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 13 Oct 2021 01:19 AM IST
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भाजपा जिलाध्यक्ष स्वतंत्र देव ने लिया कन्याओं का आशीर्वाद
- फोटो : amar ujala
भाजपा पर चल रहे लखीमपुर खीरी के संकट और उस पर घुमड़ रहे विधानसभा चुनाव के बादलों के बीच मंगलवार को अचानक प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह देवी मंदिरों के दर्शनों के लिए पहुंचे। गिने चुने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष ने विख्यात देवी मंदिरों के दर्शन किए। महंतों से भी विचार विमर्श किया और पार्टी नेताओं से जिले की राजनैतिक समीकरणों की भी जानकारी की।
प्रदेश अध्यक्ष के अचानक आने से सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। बता दें कि सोमवार को ही प्रदेश अध्यक्ष ने लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर चर्चित बयान दिया था। इसके बाद
देर शाम ही प्रदेश के चुनाव को लेकर अधिकांश नेता दिल्ली भी बुलाए गए थे। इन सब गतिविधियों के तुरंत बाद यानी मंगलवार की दोपहर गुपचुप तरीके से प्रदेश अध्यक्ष जिले में पहुंचे।
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सबसे पहले एट के सैदनगर स्थित मां अक्षरा देवी, रक्तदंतिका और बैरागढ़ देवी के दर्शन किए। यहां कुछ समय रुककर उन्होंने मंदिरों के महंतों के साथ विचार विमर्श भी किया। प्रदेश अध्यक्ष ने माता की चुनरी गले में डालकर कन्याओं का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इसके बाद उनका काफिला सीधे कालपी के वनखंडी देवी मंदिर पहुंचा और यहां भी उन्होंने देवी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके गोपनीय कार्यक्रम की जानकारी मीडिया और पार्टी के अधिकांश बड़े नेताओं को भी नहीं हो सकी।
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प्रदेश अध्यक्ष के अचानक आने से सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। बता दें कि सोमवार को ही प्रदेश अध्यक्ष ने लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर चर्चित बयान दिया था। इसके बाद
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देर शाम ही प्रदेश के चुनाव को लेकर अधिकांश नेता दिल्ली भी बुलाए गए थे। इन सब गतिविधियों के तुरंत बाद यानी मंगलवार की दोपहर गुपचुप तरीके से प्रदेश अध्यक्ष जिले में पहुंचे।
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सबसे पहले एट के सैदनगर स्थित मां अक्षरा देवी, रक्तदंतिका और बैरागढ़ देवी के दर्शन किए। यहां कुछ समय रुककर उन्होंने मंदिरों के महंतों के साथ विचार विमर्श भी किया। प्रदेश अध्यक्ष ने माता की चुनरी गले में डालकर कन्याओं का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इसके बाद उनका काफिला सीधे कालपी के वनखंडी देवी मंदिर पहुंचा और यहां भी उन्होंने देवी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके गोपनीय कार्यक्रम की जानकारी मीडिया और पार्टी के अधिकांश बड़े नेताओं को भी नहीं हो सकी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा अब चुनावी मोड़ पर आ चुकी है। इसलिए भी प्रदेश अध्यक्ष देवी मैय्या के आर्शीवाद लेने के बाद पूरी तरह से मिशन 2022 को जीतने के इरादे से मैदान में उतरने वाले हैं। प्रदेश अध्यक्ष के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह बना, प्रदेश अध्यक्ष प्रतिनिधि अरविंद सिंह चौहान, जिला महामंत्री दिलीप दुबे, रामजी राजावत, रामराजा निरंजन, नीरज दुबे, लकी त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
पूर्व सीएम की कालपी सभा भी चर्चा का केंद्र
पार्टी में इस बार स्वतंत्र देव के भी कालपी सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें चल रही है। बुधवार को उसी कालपी सीट पर पूर्व सीएम अखिलेश की विजय यात्रा भी पहुंचनी है। प्रदेश अध्यक्ष के यूं अचानक आने से सियासी गलियारों में चर्चा है कि वे उक्त सीट पर विरोधी दलों की ताकत का अंदाजा भी लगा गए हैं।
विधायकों का साथ न होना भी दे गया संकेत
प्रदेश अध्यक्ष जिस तरह जिले में आए और उनके जाते ही साथ के लोगों ने उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल की और उन तस्वीरों में किसी भी विधायक के न होने से जिले की भाजपा में भी हड़कंप सी स्थिती बनी हुई है। विधायकों के साथ न होने से पार्टी नेता तरह तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
पूर्व सीएम की कालपी सभा भी चर्चा का केंद्र
पार्टी में इस बार स्वतंत्र देव के भी कालपी सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें चल रही है। बुधवार को उसी कालपी सीट पर पूर्व सीएम अखिलेश की विजय यात्रा भी पहुंचनी है। प्रदेश अध्यक्ष के यूं अचानक आने से सियासी गलियारों में चर्चा है कि वे उक्त सीट पर विरोधी दलों की ताकत का अंदाजा भी लगा गए हैं।
विधायकों का साथ न होना भी दे गया संकेत
प्रदेश अध्यक्ष जिस तरह जिले में आए और उनके जाते ही साथ के लोगों ने उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल की और उन तस्वीरों में किसी भी विधायक के न होने से जिले की भाजपा में भी हड़कंप सी स्थिती बनी हुई है। विधायकों के साथ न होने से पार्टी नेता तरह तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।