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Jalaun News: जानलेवा हमले में दो भाइयों को दस-दस साल की सजा
Fri, 24 May 2024 01:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Fri, 24 May 2024 01:03 AM IST
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उरई। करीब 11 साल पहले पड़ोसी युवक पर तमंचे से गोली फायरिंग कर जानलेवा हमले के दोषी दो सगे भाइयों को अपर सत्र न्यायाधीश शिवकुमार ने दस-दस साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही बीस बीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर दो दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लुहरगांव निवासी करन सिंह चौहान उर्फ लल्लू ने तीन जून 2013 को कालपी कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। बताया कि उनके गांव का शिवकुमार सिंह शातिर अपराधी है। जनवरी 2013 में उसने उनकी दुकान में आग लगा दी थी। उसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था। उसमें पैरवी न करने की धमकी उसे व उसके बड़े भाई विजय सिंह को लगातार दी जा रही है।
तीन जून को वह अपने भाई विजय सिंह के साथ अपने घर से बाइक से सतगुरु मंदिर स्थित प्लॉट पर जा रहे थे। बाइक जैसे ही गांव के बाहर देवकरन सिंह की बगिया के पास पहुंची तभी शिवकुमार, उसका छोटा भाई गोपाली आया और जबरन बाइक रोक ली। इसी बीच शिवकुमार ने जान से मारने की नीयत से भाई विजय पर तमंचे से फायर कर दिया। जो उनके पेट में लगा और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
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पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ जानलेवा हमला सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। तीन महीने तक पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं पाई। सात सितंबर 2013 को दोनों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वहा से दोनों को जेल भेजा गया। पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ न्यायालय में पांच अगस्त 2013 को चार्जशीट दाखिल कर दी। 11 साल कोर्ट में चले ट्रायल के बाद गुरुवार को अदालत में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। जहां दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने शिवकुमार और गोपाली सिंह को दोषी पाते हुए दस दस साल की सजा और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर दो दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लुहरगांव निवासी करन सिंह चौहान उर्फ लल्लू ने तीन जून 2013 को कालपी कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। बताया कि उनके गांव का शिवकुमार सिंह शातिर अपराधी है। जनवरी 2013 में उसने उनकी दुकान में आग लगा दी थी। उसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था। उसमें पैरवी न करने की धमकी उसे व उसके बड़े भाई विजय सिंह को लगातार दी जा रही है।
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तीन जून को वह अपने भाई विजय सिंह के साथ अपने घर से बाइक से सतगुरु मंदिर स्थित प्लॉट पर जा रहे थे। बाइक जैसे ही गांव के बाहर देवकरन सिंह की बगिया के पास पहुंची तभी शिवकुमार, उसका छोटा भाई गोपाली आया और जबरन बाइक रोक ली। इसी बीच शिवकुमार ने जान से मारने की नीयत से भाई विजय पर तमंचे से फायर कर दिया। जो उनके पेट में लगा और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
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पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ जानलेवा हमला सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। तीन महीने तक पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं पाई। सात सितंबर 2013 को दोनों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वहा से दोनों को जेल भेजा गया। पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ न्यायालय में पांच अगस्त 2013 को चार्जशीट दाखिल कर दी। 11 साल कोर्ट में चले ट्रायल के बाद गुरुवार को अदालत में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। जहां दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने शिवकुमार और गोपाली सिंह को दोषी पाते हुए दस दस साल की सजा और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर दो दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।