कहीं ट्रेन पलटाने की साजिश तो नहीं
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उरई (जालौन)। पुखरायां रेल हादसे में आतंकियाें के शामिल होने के बाद अब भुआं गांव के पास पटरी चटकने की घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है। मामले की जांच के लिए जिले में एटीएस की तीन सदस्यीय टीम ने डेरा डाल दिया है। गुरुवार को टीम मौके पर पहुंची और मामले में गहनता से जांच की। इस दौरान स्थानीय पुलिस की टीम भी उनके सहयोग में रहीं। बुधवार की सुबह भुआ व एट स्टेशन के बीच रेलवे पटरी चटक गई थी। इस मामले में सीनियर सेक्शन इंजीनियर एके त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर पटरियाें को करीब पौने तीन घंटे में ठीक कर ट्रैक को बहाल कर दिया था। इसके बाद ट्रैक से रेल गाड़ियां गुजरी थीं।
जब इस मामले की जानकारी सरकार को हुई तो उसने मामले की जांच के लिए मौके पर तीन सदस्यीय एटीएस की टीम भेजी और मामले की जांच कराई। एटीएस की टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से जांच की और मामले में साक्ष्य संकलन किए। इस दौरान स्थानीय पुलिस भी उनके सहयोग में रही। टीम ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह इस घटना को भी पुखरायां की घटना से जोड़कर चल रहे है। सूत्राें की मानें तो पटरी जर्जर हालत में है। बीते दिनाें पुखरायां रेल हादसे के बाद जब पटरियाें की बारीकी से जांच की गई थी तो दो सौ बीस किलोमीटर में करीब 200 स्थान ऐसे चिह्नित कि ए गए थे जहां पर पटरी जर्जर हालत में है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि कभी भी रेल हादसा हो सकता है।