{"_id":"632e02b560df3230ee749ed5","slug":"three-arrested-for-selling-dummy-mobile-phone-with-fake-bill-orai-news-knp7197521121","type":"story","status":"publish","title_hn":"डमी मोबाइल बेचने वाले तीन अंतरराज्यीय ठग पकड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डमी मोबाइल बेचने वाले तीन अंतरराज्यीय ठग पकड़े
विज्ञापन
पकड़े गए ठगों के बारे में जानकारी देते एसपी।
- फोटो : ORAI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई। डमी मोबाइल फोन बेचने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तीन ठगों को गिरफ्तार कर लिया है।
उनके पास से फोन, बाइकें, रुपये और एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।
एसपी रवि कुमार ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। बताया कि जिले में साइबर ठगों और धोखाधड़ी के मामलों में प्रभावी नियंत्रण और कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
गुरुवार शाम टीम ने शहर के राठ पुल के नीचे से मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के काकौडा निवासी दिलीप, उसके पिता विक्रम और खरगौन निवासी राहुल जाधव को पकड़ लिया।
विज्ञापन
ठगों ने बताया कि वह मुंबई से डमी मोबाइल फोन दो हजार रुपये में खरीदते थे। इसके बाद भोले-भाले लोगों को फर्जी बिल थमाकर ये फोन बेच देते थे।
तलाशी में उनके पास से आठ फोन, तीन बाइकें, फर्जी मोबाइल बिल, 2900 रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस ने तीनों पर रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक राहुल सिंह, शैलेंद्र, आरक्षी वीर विक्रम आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
उनके पास से फोन, बाइकें, रुपये और एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।
एसपी रवि कुमार ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। बताया कि जिले में साइबर ठगों और धोखाधड़ी के मामलों में प्रभावी नियंत्रण और कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
गुरुवार शाम टीम ने शहर के राठ पुल के नीचे से मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के काकौडा निवासी दिलीप, उसके पिता विक्रम और खरगौन निवासी राहुल जाधव को पकड़ लिया।
विज्ञापन
ठगों ने बताया कि वह मुंबई से डमी मोबाइल फोन दो हजार रुपये में खरीदते थे। इसके बाद भोले-भाले लोगों को फर्जी बिल थमाकर ये फोन बेच देते थे।
तलाशी में उनके पास से आठ फोन, तीन बाइकें, फर्जी मोबाइल बिल, 2900 रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस ने तीनों पर रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक राहुल सिंह, शैलेंद्र, आरक्षी वीर विक्रम आदि शामिल रहे।