{"_id":"6595a5b4bc126c85380096d8","slug":"those-responsible-for-ngt-teams-report-are-busy-in-repairing-the-cowshed-orai-news-c-224-1-ori1004-9166-2024-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: एनजीटी टीम की रिपोर्ट से जिम्मेदार गोशाला दुरुस्त करने में जुटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: एनजीटी टीम की रिपोर्ट से जिम्मेदार गोशाला दुरुस्त करने में जुटे
विज्ञापन
कदौरा। कदौरा ब्लॉक की गोशालाओं की स्थितियां खराब होने की शिकायत पर एनजीटी टीम ने 19 सितंबर को निरीक्षण किया था।
ग्राम पंचायत मवई ब्राह्मण गांव स्थित गोशाला का एनजीटी अध्यक्ष एसवीएस राठौर और सदस्य अनंत कुमार सिंह ने सीडीओ भीमजी उपाध्याय, विशाल यादव एडीएम नामानि गंगे आदि के साथ स्थिति का जायजा लिया था। अनियमितताएं मिलने पर फटकार लगाई थी।
विगत एक सप्ताह पूर्व एनजीटी टीम की निरीक्षण रिपोर्ट आने पर ब्लॉक के जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। ब्लॉक अधिकारियों ने आननफानन गोशाला को दुरुस्त कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिया। बीडीओ मानू लाल यादव ने कहा कि गोशाला की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलते ही दोषियों पर कार्रवाई होगी।
एनजीटी की जारी रिपोर्ट में अधिकारियों द्वारा दिखाए गए स्थान पर दलदल मिला। अंदर टीनशेड, चरनी, पानी के लिए चरही, गोबर मूत्र अथवा उनको निस्तारित करने के लिए सोकपिट का निर्माण नहीं मिला। कागजों में 70 गोवंश और तीन केयर टेकर कार्यरत दिखे। 2019 से संचालित गोशाला का कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं मिला। पशु चिकित्साधिकारी के पास उपलब्ध टैगिंग पंजिका में सात अप्रैल को 29 गोवंश व जून माह में 41 गोवंश की टैंगिंग विवरण दर्ज दिखाया गया।
विज्ञापन
2019 से गोशाला संचालित है, तो गोवंशो की टैगिंग 2023 में क्यों की गई। कागजों में 17.95 क्विंटल भूसा होना दर्ज था, 0.162 हेक्टेयर भूमि में नेपियर घास बोने की बात बताई गई, लेकिन नेपियर घास का कोई चिन्ह नहीं मिला, ग्रामीणों ने भी पुष्टि नहीं की। लेखा पंजिका नहीं दिखाई गई। कागजों में भूसा आदि के खरीद, भुगतान एवं खपत की गई। शासकीय धन का दुरुपयोग किए जाने की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत मवई ब्राह्मण गांव स्थित गोशाला का एनजीटी अध्यक्ष एसवीएस राठौर और सदस्य अनंत कुमार सिंह ने सीडीओ भीमजी उपाध्याय, विशाल यादव एडीएम नामानि गंगे आदि के साथ स्थिति का जायजा लिया था। अनियमितताएं मिलने पर फटकार लगाई थी।
विगत एक सप्ताह पूर्व एनजीटी टीम की निरीक्षण रिपोर्ट आने पर ब्लॉक के जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। ब्लॉक अधिकारियों ने आननफानन गोशाला को दुरुस्त कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिया। बीडीओ मानू लाल यादव ने कहा कि गोशाला की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलते ही दोषियों पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
एनजीटी की जारी रिपोर्ट में अधिकारियों द्वारा दिखाए गए स्थान पर दलदल मिला। अंदर टीनशेड, चरनी, पानी के लिए चरही, गोबर मूत्र अथवा उनको निस्तारित करने के लिए सोकपिट का निर्माण नहीं मिला। कागजों में 70 गोवंश और तीन केयर टेकर कार्यरत दिखे। 2019 से संचालित गोशाला का कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं मिला। पशु चिकित्साधिकारी के पास उपलब्ध टैगिंग पंजिका में सात अप्रैल को 29 गोवंश व जून माह में 41 गोवंश की टैंगिंग विवरण दर्ज दिखाया गया।
विज्ञापन
2019 से गोशाला संचालित है, तो गोवंशो की टैगिंग 2023 में क्यों की गई। कागजों में 17.95 क्विंटल भूसा होना दर्ज था, 0.162 हेक्टेयर भूमि में नेपियर घास बोने की बात बताई गई, लेकिन नेपियर घास का कोई चिन्ह नहीं मिला, ग्रामीणों ने भी पुष्टि नहीं की। लेखा पंजिका नहीं दिखाई गई। कागजों में भूसा आदि के खरीद, भुगतान एवं खपत की गई। शासकीय धन का दुरुपयोग किए जाने की पुष्टि हुई।