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Jalaun News: महिला ने लगाया था दुष्कर्म का आरोप
Sun, 07 Jul 2024 01:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sun, 07 Jul 2024 01:40 AM IST
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उरई। दुष्कर्म जैसी वारदात में सबसे पहले प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय पुलिस ने 15 दिन तक टरकाया और फिर अपराध अंकित करने की बजाय आरोपियों की तहरीर पर महिला के पति पर ही रंगदारी मांगने के आरोप में मामला दर्ज कर दिया। वहीं, पीडित महिला कई दिनों तक थाने से लेकर आलाधिकारियों के चक्कर काटती रही।
कालपी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव व हाल पता उन्नाव निवासी महिला ने कोतवाली पुलिस को 18 जून को तहरीर देते हुए बताया था कि 9 मई को वह ससुराल स्थित मंदिर में चल रहे यज्ञ में शामिल होने गई थी। शाम को लौटते समय मंदिर के पुजारी ने उसे प्रसाद के रूप में मिठाई दी। इसके बाद वह अर्द्धमूर्छित जैसी हालत में हो गई थी। इसके बाद पुजारी उसे मंदिर में बने कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया।
महिला का आरोप है कि उसके दो चेलों ने भी रात में बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इसके बाद उक्त लोग कार में बैठाकर उसे कालपी पुल के पास छोड़कर भाग गए। महिला ने घर पहुंचकर पति को पूरी घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद महिला पति के साथ कालपी कोतवाली में शिकायत करने गई। जहां पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही डॉक्टरी परीक्षण कराया। इसके बाद उसने 21 मई को मुख्यमंत्री महिला आयोग व पुलिस महानिदेशक लखनऊ को भी डाक से शिकायती पत्र भेजा था। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज न कर करीब 15 दिन तक टरकाया। इसके बाद 5 जुलाई को कोतवाली पुलिस ने आरोपियों की तहरीर पर उसके पति के खिलाफ ही रंगदारी सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्जकर ली। पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों से मिलकर उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बल्कि दबाव बनाने को लेकर उसके पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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कालपी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव व हाल पता उन्नाव निवासी महिला ने कोतवाली पुलिस को 18 जून को तहरीर देते हुए बताया था कि 9 मई को वह ससुराल स्थित मंदिर में चल रहे यज्ञ में शामिल होने गई थी। शाम को लौटते समय मंदिर के पुजारी ने उसे प्रसाद के रूप में मिठाई दी। इसके बाद वह अर्द्धमूर्छित जैसी हालत में हो गई थी। इसके बाद पुजारी उसे मंदिर में बने कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया।
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महिला का आरोप है कि उसके दो चेलों ने भी रात में बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इसके बाद उक्त लोग कार में बैठाकर उसे कालपी पुल के पास छोड़कर भाग गए। महिला ने घर पहुंचकर पति को पूरी घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद महिला पति के साथ कालपी कोतवाली में शिकायत करने गई। जहां पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही डॉक्टरी परीक्षण कराया। इसके बाद उसने 21 मई को मुख्यमंत्री महिला आयोग व पुलिस महानिदेशक लखनऊ को भी डाक से शिकायती पत्र भेजा था। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज न कर करीब 15 दिन तक टरकाया। इसके बाद 5 जुलाई को कोतवाली पुलिस ने आरोपियों की तहरीर पर उसके पति के खिलाफ ही रंगदारी सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्जकर ली। पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों से मिलकर उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बल्कि दबाव बनाने को लेकर उसके पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।