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गांव में घुसा नहर का पानी, बढ़ी परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Mon, 16 Jan 2017 10:38 PM IST
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घरों के बाहर भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
गांव मुहम्मदाबाद की हरिजन बस्ती में नहर का पानी आने से बस्ती जलमग्न हो गई। इससे यहां रहने वालों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। सड़क से लेकर दरवाजों तक पानी भरा होने से बच्चे और महिलाएं भी घरों में कैद होकर रह गए हैं। लोगों का कहना है कि जल्द पानी निकासी का इंतजाम न किया तो क्षेत्र में बीमारियां फैल सकती हैं। मवेशी बांधने का मैदान भी पानी से पूरी
तरह भर गया है। रविवार की देर रात हमीरपुर शाख नहर से जुड़ी कुसमिलिया बंबी से गांव मुहम्मदाबाद के हरिजन मोहल्ले में पानी ओवरफ्लो होकर आ गया। इससे मुहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। अगले दिन सोमवार की सुबह मोहल्ले का मैदान पानी से लबालब हो गया। घरों के बाहर बंधे जानवर भी पानी से घिरे थे। ठड की सुबह जब लोगों की आंख खुली तो
घरों के दरवाजे पर पानी भरा देख उनके होश फाख्ता हो गए। ग्रामीण कालीचरन बरार, हरीशंकर, मिनचुन, मलखान, महेश, जानकी, पंचम, प्रभुदयाल, टेकचन्द्र, हरिओम, भागचन्द्र आदि का कहना है, कि जब नहर में पानी छोड़ दिया जाता है, पानी बढ़ने से धार बस्ती की ओर घूम जाती है। घरों के बाहर रखा जानवरों का भूसा और अन्य सामान भी भीगकर खराब हो गया
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है। उस पर गांव का नाला भी बंद पड़ा है। लिहाजा पानी घरों के दरवाजे तक पहुंच गया है। बस्ती का टावर तक पानी में डूबा हुआ है, इससे कभी भी कोई गंभीर घटना हो सकती है। इस बावत ग्राम सचिव रमेश उदैनिया का कहना है कि जल्द ही पानी की निकासी का इंतजाम किया जाएगा। रही बात नाला निर्माण की तो वह भी चुनाव निपटते ही कराने का प्रयास किया जाएगा।
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तरह भर गया है। रविवार की देर रात हमीरपुर शाख नहर से जुड़ी कुसमिलिया बंबी से गांव मुहम्मदाबाद के हरिजन मोहल्ले में पानी ओवरफ्लो होकर आ गया। इससे मुहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। अगले दिन सोमवार की सुबह मोहल्ले का मैदान पानी से लबालब हो गया। घरों के बाहर बंधे जानवर भी पानी से घिरे थे। ठड की सुबह जब लोगों की आंख खुली तो
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घरों के दरवाजे पर पानी भरा देख उनके होश फाख्ता हो गए। ग्रामीण कालीचरन बरार, हरीशंकर, मिनचुन, मलखान, महेश, जानकी, पंचम, प्रभुदयाल, टेकचन्द्र, हरिओम, भागचन्द्र आदि का कहना है, कि जब नहर में पानी छोड़ दिया जाता है, पानी बढ़ने से धार बस्ती की ओर घूम जाती है। घरों के बाहर रखा जानवरों का भूसा और अन्य सामान भी भीगकर खराब हो गया
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है। उस पर गांव का नाला भी बंद पड़ा है। लिहाजा पानी घरों के दरवाजे तक पहुंच गया है। बस्ती का टावर तक पानी में डूबा हुआ है, इससे कभी भी कोई गंभीर घटना हो सकती है। इस बावत ग्राम सचिव रमेश उदैनिया का कहना है कि जल्द ही पानी की निकासी का इंतजाम किया जाएगा। रही बात नाला निर्माण की तो वह भी चुनाव निपटते ही कराने का प्रयास किया जाएगा।