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पीएम की दी मियाद खत्म, बैंकों में कैश की समस्या बरकरार

Mon, 02 Jan 2017 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Mon, 02 Jan 2017 11:09 PM IST
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The PM's term ended, the problem of retained cash in banks
सुबह के वक्त स्टेट बैंक के एटीएम पर भीड़। - फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के 50 से अधिक दिन बीत गए हैं। बैंकों में लाइनें कम हुईं हैं। इसके साथ ही एटीएम से कैश निकालने की लिमिट भी बढ़ाकर 4500 कर दी गई। बावजूद इसके बैंकों में कैश की किल्लत खत्म होती नजर नहीं आ रही है। सोमवार को भी शहर के प्रमुख बैंकों के एटीएम में कैश की किल्लत रही। दोपहर के बाद स्टेट बैंक, यूनियन बैंक समेत अधिकांश एटीएम धड़ाम
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हो गए। इससे ग्राहकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, बैंकों में भी हालात सामान्य दिखे। आठ नवंबर को नोटबंदी के चलते बैंकों में अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। 50 दिन बीते तो बैंकों में हालात सामान्य होते दिखाई दे रहे हैं लेकिन कैश की किल्लत खत्म नहीं हो रही है। भले ही एटीएम से एक दिन में कैश निकालने की लिमिट ढाई हजार
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रुपये से बढ़ाकर साढ़े चार हजार रुपये कर दी गई लेकिन उससे लाभ तभी होगा जब एटीएम में कैश उपलब्ध होने लगे। सोमवार को भी शहर के मेन रोड स्थित यूनियन बैंक, ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अन्य बैंकों के एटीएम सुबह के वक्त तो चालू रहे। पर दोपहर होते होते इनमें कैश खत्म हो गया। वहीं, स्टेट बैंक का एटीएम भी ज्यादा देर तक सेवाएं नहीं दे
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सका। वह भी कैश खत्म होने की वजह धड़ाम हो गया। कैश लेने के लिए लोग भटकते नजर आए। वहीं, बैंकोें में 50 दिन के बाद हालात सामान्य तो दिखे लेकिन कैश की समस्या बरकरार रही।
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