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Jalaun News: पारा 42 डिग्री पर, लू के थपेड़ों ने झुलसाया
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उरई। मई माह की तपिश लगातार लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। बुधवार को जिले में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। दोपहर के समय अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए। दोपहर में शहर की प्रमुख सड़कें और बाजार लगभग सूने दिखाई दिए, पर शाम होते-होते मौसम बदला। बादल छाने से ठंडी हवा चली, जिससे कुछ राहत मिली।
बुधवार को सुबह से ही तेज धूप का असर शुरू हो गया था, लेकिन दोपहर होते-होते गर्मी ने विकराल रूप ले लिया। लू के थपेड़ों ने राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी। गर्म हवाओं के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया। जरूरी काम से निकलने वाले लोग चेहरे को गमछे, दुपट्टे और मास्क से ढककर चलते नजर आए। बाजारों में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम भीड़ दिखाई दी। दोपहर के समय कई दुकानदार भी दुकान के बाहर लगे पंखों और कूलरों के सहारे गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते रहे।
गर्मी का असर सबसे ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और राहगीरों पर देखने को मिला। तपती सड़कों पर चलते समय लोग छांव की तलाश करते दिखे। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर पानी व शीतल पेय की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही। अस्पतालों में भी गर्मी और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी रही।
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दिनभर की भीषण गर्मी के बाद शाम होते-होते मौसम ने करवट ली। आसमान में बादल छाने लगे और तेज हवाएं चलने से लोगों को राहत महसूस हुई। तापमान में हल्की गिरावट आने के बाद लोग घरों से बाहर निकले और बाजारों में फिर से चहल-पहल दिखाई देने लगी। मौसम में आए बदलाव से लोगों ने राहत की सांस ली, हालांकि उमस बनी रहने से परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
अभी राहत की उम्मीद नहीं
मौसम वैज्ञानिक विस्टर जोशी ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक तेज गर्मी और लू का असर बना रह सकता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अवनीश बनौधा ने लोगों को दोपहर में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।
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बुधवार को सुबह से ही तेज धूप का असर शुरू हो गया था, लेकिन दोपहर होते-होते गर्मी ने विकराल रूप ले लिया। लू के थपेड़ों ने राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी। गर्म हवाओं के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया। जरूरी काम से निकलने वाले लोग चेहरे को गमछे, दुपट्टे और मास्क से ढककर चलते नजर आए। बाजारों में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम भीड़ दिखाई दी। दोपहर के समय कई दुकानदार भी दुकान के बाहर लगे पंखों और कूलरों के सहारे गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते रहे।
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गर्मी का असर सबसे ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और राहगीरों पर देखने को मिला। तपती सड़कों पर चलते समय लोग छांव की तलाश करते दिखे। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर पानी व शीतल पेय की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही। अस्पतालों में भी गर्मी और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी रही।
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दिनभर की भीषण गर्मी के बाद शाम होते-होते मौसम ने करवट ली। आसमान में बादल छाने लगे और तेज हवाएं चलने से लोगों को राहत महसूस हुई। तापमान में हल्की गिरावट आने के बाद लोग घरों से बाहर निकले और बाजारों में फिर से चहल-पहल दिखाई देने लगी। मौसम में आए बदलाव से लोगों ने राहत की सांस ली, हालांकि उमस बनी रहने से परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
अभी राहत की उम्मीद नहीं
मौसम वैज्ञानिक विस्टर जोशी ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक तेज गर्मी और लू का असर बना रह सकता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अवनीश बनौधा ने लोगों को दोपहर में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।