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नोट बदलने के लिए दिन भर रेलमपेल
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 11 Nov 2016 11:05 PM IST
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एसबीआई सिटी में ग्राहकों की लगी लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
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500 व 1000 के पुराने नोटों का चलन बंद होने के बाद शुक्रवार को भी बैंकों और पोस्ट आफिसों के बाहर रेलमपेल मची रही। शहर के बैंकोें में सुबह 7 बजे से ही लोगों ने लाइन लगानी शुरू कर दी। 10 बजे बैंक खुले तो लोगों की लंबी लाइनें लग चुकी थीं। यह सिलसिला पूरे दिन बना रहा। शाम तक लोग बैंकों के बाहर जमा दिखाई दिए। ज्यादातर बैंक मेन रोडों पर होने
से शहर के हर मार्ग पर जाम जैसी स्थिति रही। वहीं, लोग सुबह से शाम तक भूखे प्यासे लाइनों में लगे रहे। इस दौरान पुलिस ने भी तगड़ी व्यवस्था कर रखी थी। सभी बैंकों के एटीएम बंद रहे। बड़े नोटों का चलन बंद होने से अफरातफरी मची हुई है। दूसरे दिन शुक्रवार को भी शहर में स्थित बैंकों की हर छोटी बड़ी शाखाओं में सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई। महिलाएं भी
बैंकों की लंबी लाइनों में घंटों खड़ी रहीं। रोजमर्रा का खर्चा चलाने को परेशान रहकर भी कुछ लोग को मायूस लौटना पड़ा। शहर के स्टेट बैंक मुख्य शाखा, सिटी शाखा, इलाहाबाद बैंक मुख्य व विकास भवन शाखा, सेंट्रल बैंक, केनरा, एक्सिस बैंक के सामने रोड पर भी वाहनों व भीड़ से जाम लगा। पुलिस व्यवस्था हर बैंक में तगड़ी रही। सीओ जंगबहादुर सिंह कई बैंक
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शाखाओं में जाकर जायजा लिया। गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को बैंकों में भीड़ ज्यादा रही। बताते चलें रेलवे स्टेशन की टिकट विंडो पर एक हजार व पांच सौ के नोटों से बड़ी संख्या में
टिकट बुक किए गए। सीनियर बुकिंग क्लर्क शीला चौधरी ने बताया कि कुछ लोग यहां से एक हजार का नोट देकर पुखरायां, कालपी, कानपुर का पैसेंजर का टिकट लेते हैं और फुटकर नोट होने के बाद टिकट फाड़कर स्टेशन पर ही फेंक कर चले जाते हैं। वहीं, कुुछ लोग छुटटा रुपये ही मांगने आ रहे है
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से शहर के हर मार्ग पर जाम जैसी स्थिति रही। वहीं, लोग सुबह से शाम तक भूखे प्यासे लाइनों में लगे रहे। इस दौरान पुलिस ने भी तगड़ी व्यवस्था कर रखी थी। सभी बैंकों के एटीएम बंद रहे। बड़े नोटों का चलन बंद होने से अफरातफरी मची हुई है। दूसरे दिन शुक्रवार को भी शहर में स्थित बैंकों की हर छोटी बड़ी शाखाओं में सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई। महिलाएं भी
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बैंकों की लंबी लाइनों में घंटों खड़ी रहीं। रोजमर्रा का खर्चा चलाने को परेशान रहकर भी कुछ लोग को मायूस लौटना पड़ा। शहर के स्टेट बैंक मुख्य शाखा, सिटी शाखा, इलाहाबाद बैंक मुख्य व विकास भवन शाखा, सेंट्रल बैंक, केनरा, एक्सिस बैंक के सामने रोड पर भी वाहनों व भीड़ से जाम लगा। पुलिस व्यवस्था हर बैंक में तगड़ी रही। सीओ जंगबहादुर सिंह कई बैंक
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शाखाओं में जाकर जायजा लिया। गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को बैंकों में भीड़ ज्यादा रही। बताते चलें रेलवे स्टेशन की टिकट विंडो पर एक हजार व पांच सौ के नोटों से बड़ी संख्या में
टिकट बुक किए गए। सीनियर बुकिंग क्लर्क शीला चौधरी ने बताया कि कुछ लोग यहां से एक हजार का नोट देकर पुखरायां, कालपी, कानपुर का पैसेंजर का टिकट लेते हैं और फुटकर नोट होने के बाद टिकट फाड़कर स्टेशन पर ही फेंक कर चले जाते हैं। वहीं, कुुछ लोग छुटटा रुपये ही मांगने आ रहे है