फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   The 65 farmers money in the bank to eat

बैंक खा गए 65 किसानों का पैसा

Mon, 28 Dec 2015 11:22 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई Updated Mon, 28 Dec 2015 11:22 PM IST
विज्ञापन
The 65 farmers money in the bank to eat
गत वर्ष अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को भेजी गई सरकारी इमदाद
विज्ञापन
बैंक खा गए। इसका खुलासा जिलाधिकारी को दी गई एक शिकायत की जांच में हुआ। इसके बाद डीएम ने संबंधित बैंकों को जल्द से जल्द संबंधित किसानों के खातों में मुआवजा डालने का आदेश दिया है।

पिछले महीनों में दैवी आपदा व ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। बर्बाद किसानों के घावों पर मरहम लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने उन्हें आर्थिक इमदाद भी मुहैया कराई। नियम के मुताबिक अबकी दफा किसानों को चेकों द्वारा भुगतान न कर पैसा सीधा किसानों के खातों में भेजा गया। इसके एक वर्ष बाद भी आज तक कई किसानों के खातों में

पैसा नहीं पहुंचा। इसकी शिकायत किसानों ने डीएम रामगणेश से की। ग्राम सुलखना का भी ऐसा ही मामला था जिसमें 65 किसानों को आज तक राहत राशि नहीं मिल पाई है। इन किसानों की ओर से गांव के अखिलेश व्यास ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत की। इस पर डीएम ने तत्काल एसडीएम कोंच संजय कुमार सिंह व तहसीलदार जितेंद्रपाल को मामले की

जांच के आदेश दिए। तहसीलदार ने मौके पर जाकर जब मामला पता किया तो पता चला कि बैंक की कारगुजारी के चलते आज तक लाभार्थियों के खातों में पैसे नहीं आ सके हैं। तहसीलदार ने बताया है कि सूची में उन सभी किसानों के न सिर्फ नाम दर्ज हैं बल्कि उनका पैसा भी बैंकों को भेजा जा चुका है।

किसानों के खातों में पैसे डालें बैंक
किसानों के खातों में एक साल गुजरने के बाद भी दैवी आपदा की राहत राशि न पहुंचने से खफा अधिकारियों ने सोमवार को बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ आपात बैठक कर उन्हें चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर किसानों के खातों में पैसा पहुंच जाना चाहिए। ऐसा न होने पर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तहसील कार्यालय में एसडीएम संजयकुमार सिंह की

अध्यक्षता व तहसीलदार जितेंद्रपाल की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में अधिकारियों ने कहा कि बैंकों के गैर जिम्मेदाराना रवैये को हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी के खाते में कोई त्रुटि है तो बैंक अधिकारी तहसील को अवगत कराएं। उन्होंने किसानों से कहा कि जिन्हें राहत राशि नहीं मिली है वे अन्य किसानों के साथ एक सूची बनाकर तहसील को उपलब्ध कराएं

28 करोड़ भेजी जा चुकी सहायता
एसडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि अब तक 49 हजार 258 किसानों के खातों में 9 हजार रुपये के हिसाब से 28 करोड़ 12 लाख 19 हजार 26 रुपया दिया जा चुका है जबकि 6 हजार 295 किसानों को डबल राशि दी जा चुकी है। यह भी

साफ किया कि लगभग 600 किसान ऐसे बचे हैं जिनके खातों में छोटी मोटी त्रुटि के कारण पैसा हस्तांतरित नहीं हो पाया है। इस दौरान स्टेट बैंक शाखा प्रबंधक एस के त्रिपाठी, इलाहाबाद बैंक के एलआर भारती, पीएनबी से रजनीशकुमार, स्टेट बैंक मंडी से बीपी मिश्रा, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से अशोक बरार, इलाहाबाद बैंक मंडी से माहीलाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed