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दस कर्मचारी गैरहाजिर, कटेगा वेतन
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:06 PM IST
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सीएचसी का निरीक्षण करते सीएमओ डॉ. अशोक कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अव्यवस्थाएं मिलीं। साफ सफाई व रोशनी केे पुख्ता इंतजाम न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। इसके साथ ही अस्पताल से गैर हाजिर रहे कर्मचारियों केे एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार लगभग साढे़ आठ बजे
सीएचसी पहुंच गए। निरीक्षण की खबर से अस्पताल में हड़कंप मच गया। इस दौरान सीएमओ को अस्पताल में गंदगी मिली। उन्होंने सबसे पहले उपस्थिति पंजिका चेक की जिसमें उन्हें डॉक्टर और कर्मचारी मिला कर दर्जन भर लोग गैरहाजिर मिले। सीएमओ ने सभी लोगों डॉ. रमेशचंद्र, डॉ. अमरीश कुमार, डॉ. सपना, अनूप कुमार, माखन, सुनील कुमार, नदीम,
अनुग्रह, दीपिका सिंह, पवन कुमार आदि का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने चिकित्सक कक्षों, लेबर रूम, मरहम पट्टी कक्ष सहित तमाम विभागों को चेक किया। इसमें सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इसके अलावा कक्षों खासतौर पर लेबर रूम में रोशनी की अपर्याप्त व्यवस्था पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और उन्होंने
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चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके शुक्ला को सख्त चेतावनी दी कि जल्द से जल्द अस्पताल में रोशनी केे बेहतर इंतजाम किए जाएं। उन्होंने दंत चिकित्सा कक्ष, पैथोलॉजी कक्ष आदि का भी बारीकी से मुआयना किया। दवा वितरण कक्ष में यद्यपि दवाओं की स्थिति ठीक मिली लेकिन उन्होंने निर्देश दिये कि उनके पास जो भी दवाएं उपलब्ध हैं उनकी सूची चस्पा करें और ऐसी
कोई दवा न लिखें जिसे बाहर से मराजों को लाना पड़े। रैबीज इंजेक्शनों के बारे में बताया गया कि 21 जुलाई से 30 अगस्त तक 477 लोगों को रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद
कस्बे के अंदर गोखले नगर में संचालित नगरीय स्वास्थ्य केन्द्र का भी उन्होंने निरीक्षण किया जहां साफ सफाई की शिकायत मिली। यहां एक स्टाफ नर्स बिंदु की छुट्टी का प्रार्थना पत्र दिया गया था जबकि उक्त नर्स मौके पर मौजूद मिली जिसके चलते उक्त प्रार्थना पत्र फाड़ कर रद्दी की टोकरी में फेंक दिया गया।
सुविधा शुल्क मांगे जाने की भी आईं शिकायतें
सीएचसी के निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. अशोक कुमार के समक्ष मरीजों के तीमारदारों के अलावा आशा बहू ने भी अस्पताल स्टाफ द्वारा सुविधा शुल्क मांगे जाने के गंभीर आरोप लगाए। ग्राम कूंड़ा निवासी एक मरीज के तीमारदार मानवेंद्र सिंह ने सीएमओ से शिकायत की कि लेबर रूम में डिलीवरी के वक्त उससे पांच सौ रुपये की मांग की गई। सतोह निवासी
आशा बहू ने शिकायत की कि प्रति बाउचर तीस रुपये लेकर ही भुगतान किया जाता है। डिलीवरी के बाद महिलाओं को भोजन नहीं दिए जाने की शिकायत पर अस्पताल प्रशासन द्वारा सफाई देने की कोशिश की गई कि जेएसवाई ठेकेदार के बीमार होने के कारण भोजन नहीं बन पा रहा है। सीएम ने निर्देश दिये कि एक डायट का जितना पैसा होता है उसका दूध और फल मंगा कर दिया जाए।
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सीएचसी पहुंच गए। निरीक्षण की खबर से अस्पताल में हड़कंप मच गया। इस दौरान सीएमओ को अस्पताल में गंदगी मिली। उन्होंने सबसे पहले उपस्थिति पंजिका चेक की जिसमें उन्हें डॉक्टर और कर्मचारी मिला कर दर्जन भर लोग गैरहाजिर मिले। सीएमओ ने सभी लोगों डॉ. रमेशचंद्र, डॉ. अमरीश कुमार, डॉ. सपना, अनूप कुमार, माखन, सुनील कुमार, नदीम,
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अनुग्रह, दीपिका सिंह, पवन कुमार आदि का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने चिकित्सक कक्षों, लेबर रूम, मरहम पट्टी कक्ष सहित तमाम विभागों को चेक किया। इसमें सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इसके अलावा कक्षों खासतौर पर लेबर रूम में रोशनी की अपर्याप्त व्यवस्था पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और उन्होंने
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चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके शुक्ला को सख्त चेतावनी दी कि जल्द से जल्द अस्पताल में रोशनी केे बेहतर इंतजाम किए जाएं। उन्होंने दंत चिकित्सा कक्ष, पैथोलॉजी कक्ष आदि का भी बारीकी से मुआयना किया। दवा वितरण कक्ष में यद्यपि दवाओं की स्थिति ठीक मिली लेकिन उन्होंने निर्देश दिये कि उनके पास जो भी दवाएं उपलब्ध हैं उनकी सूची चस्पा करें और ऐसी
कोई दवा न लिखें जिसे बाहर से मराजों को लाना पड़े। रैबीज इंजेक्शनों के बारे में बताया गया कि 21 जुलाई से 30 अगस्त तक 477 लोगों को रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद
कस्बे के अंदर गोखले नगर में संचालित नगरीय स्वास्थ्य केन्द्र का भी उन्होंने निरीक्षण किया जहां साफ सफाई की शिकायत मिली। यहां एक स्टाफ नर्स बिंदु की छुट्टी का प्रार्थना पत्र दिया गया था जबकि उक्त नर्स मौके पर मौजूद मिली जिसके चलते उक्त प्रार्थना पत्र फाड़ कर रद्दी की टोकरी में फेंक दिया गया।
सुविधा शुल्क मांगे जाने की भी आईं शिकायतें
सीएचसी के निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. अशोक कुमार के समक्ष मरीजों के तीमारदारों के अलावा आशा बहू ने भी अस्पताल स्टाफ द्वारा सुविधा शुल्क मांगे जाने के गंभीर आरोप लगाए। ग्राम कूंड़ा निवासी एक मरीज के तीमारदार मानवेंद्र सिंह ने सीएमओ से शिकायत की कि लेबर रूम में डिलीवरी के वक्त उससे पांच सौ रुपये की मांग की गई। सतोह निवासी
आशा बहू ने शिकायत की कि प्रति बाउचर तीस रुपये लेकर ही भुगतान किया जाता है। डिलीवरी के बाद महिलाओं को भोजन नहीं दिए जाने की शिकायत पर अस्पताल प्रशासन द्वारा सफाई देने की कोशिश की गई कि जेएसवाई ठेकेदार के बीमार होने के कारण भोजन नहीं बन पा रहा है। सीएम ने निर्देश दिये कि एक डायट का जितना पैसा होता है उसका दूध और फल मंगा कर दिया जाए।