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Jalaun News: 39 डिग्री पर पारा, बढ़ेगी गर्मी, फसल समेटने में जुटे किसान
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फोटो - 09 खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल को समेटता किसान।
उरई। जनपद में गर्मी ने अप्रैल के मध्य में ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 22- 24 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी बढ़ने से लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और इजाफा होने की संभावना है। अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों में पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी महसूस होने लगी है।
बढ़ते तापमान और बदलते मौसम के बीच किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसान अपनी तैयार और कटी हुई फसल को जल्द से जल्द घर तक पहुंचाने में जुट गए हैं। उनका कहना है कि यदि अचानक बारिश हो गई तो खेतों में पड़ी फसल खराब हो सकती है। पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों खेतों में सुबह से देर रात तक गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसान मजदूरों के साथ कटाई, गहाई और ढुलाई का काम तेजी से कर रहे हैं, ताकि किसी भी मौसमीय बदलाव से पहले फसल सुरक्षित कर ली जाए।
मौसम वैज्ञानिक विस्टर जोशी का कहना है कि इस समय किसानों को फसल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए और मौसम के अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए। आम लोगों को भी तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। गर्मी के लगातार बढ़ते असर और मौसम की अनिश्चितता के बीच अब सभी की नजर आने वाले दिनों पर टिकी है।
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मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और इजाफा होने की संभावना है। अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों में पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी महसूस होने लगी है।
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बढ़ते तापमान और बदलते मौसम के बीच किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसान अपनी तैयार और कटी हुई फसल को जल्द से जल्द घर तक पहुंचाने में जुट गए हैं। उनका कहना है कि यदि अचानक बारिश हो गई तो खेतों में पड़ी फसल खराब हो सकती है। पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों खेतों में सुबह से देर रात तक गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसान मजदूरों के साथ कटाई, गहाई और ढुलाई का काम तेजी से कर रहे हैं, ताकि किसी भी मौसमीय बदलाव से पहले फसल सुरक्षित कर ली जाए।
मौसम वैज्ञानिक विस्टर जोशी का कहना है कि इस समय किसानों को फसल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए और मौसम के अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए। आम लोगों को भी तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। गर्मी के लगातार बढ़ते असर और मौसम की अनिश्चितता के बीच अब सभी की नजर आने वाले दिनों पर टिकी है।