{"_id":"606ca8688ebc3ee64f1cec04","slug":"systems-inspected-after-inspecting-medical-college-orai-news-knp6219622141","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कालेज का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कालेज का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण करती डीएम प्रियंका निरंजन जानकारी देते प्रिंसिपल डी नाथ
- फोटो : ORAI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई। डीएम प्रिंयका निरंजन ने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। डीएम ने सबसे पहले कोरोना हेल्प डेस्क की व्यवस्थाओं को बारीकी से पड़ताल की और ऑन ड्यूटी कर्मचारी एवं नर्सिंग स्टॉफ जानकारी ली। ऑडिटोरियम का निरीक्षण कर कहा कि पठन-पाठन के अतिरिक्त अन्य कार्यक्रम आयोजित कर राजस्व बढ़ाया जा सकता है। इससे मेंटेनेंस का खर्चा भी प्राप्त होता रहेगा।
डीएम ने ट्रायज एवं होल्डिंग एरिया, कोरोना ओपीडी एवं इमरजेंसी का निरीक्षण किया। एकल मार्ग से प्रवेश करते हुए हॉल में लगे हुए टीवी आदि देखे। दीवार की टाइल्स टूटी मिलने पर नई लगाने के निर्देश दिए। कहा कि किसी भी मरीज को ज्यादा समय तक इलाज में इंतजार न कराया जाए एवं प्रवेश द्वार पर स्ट्रैचर एवं व्हील चेयर की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रत्येक वार्ड को कैमरे पर बारीकी से निरीक्षण किया एवं उपलब्ध लैंडलाइन नंबर से कोविड मरीज शरद निगम एवं अन्य मरीजों से बात की।
डीएम ने कोरोना कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और निर्देश दिया कि मरीजों की सूचना इंटीग्रेटेड कोरोना कमांड सेंटर को दी जाए। डीएम ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का भी निरीक्षण किया एवं निर्देश दिये कि प्रसव के मरीज बढ़ने पर एवं इस मेडिकल कॉलेज को कोविड लेबल-2 फैसिलिटी घोषित होने प्रसव के मरीज को आवश्यकतानुसार जिला महिला चिकित्सालय में रेफर कर दिए जाएं। उन्होंने मेडिकल कचरे के निस्तारण के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान उपप्राचार्य डॉ आरएन कुशवाहा, डॉ नूतन अग्रवाल, डॉ मनोज वर्मा, डॉ कुलदीप चंदेल, डॉ संजीव गुप्ता, डॉ जितेंद्र मिश्रा, डॉ प्रशांत निरंजन, मैट्रन सुमन दुबे मौजूद रहीं।
विज्ञापन
वेंटीलेटर युक्त आईसीयू कक्ष का उद्घाटन
डीएम ने 60 शैय्याओं वाला वेंटीलेटर से सुसज्जित आईसीयू कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने वेंटीलेटर व दीवारों पर लगी नीली पीली एवं लाल पाइप लाइंस के बारे में जानकारी ली। एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अपूर्व अग्रवाल ने बताया कि सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम की पाइपलाइंस लगी हैं। सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने बताया कि सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम फेल होने पर ऑक्सीजन की कमी न हो, उसकी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सिलिंडर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने फायर सेफ्टी के बारे में जांच पड़ताल की। कहा कि जल्द वह दोबारा फायर सेफ्टी को लेकर समीक्षा करेंगी।
विज्ञापन
डीएम ने ट्रायज एवं होल्डिंग एरिया, कोरोना ओपीडी एवं इमरजेंसी का निरीक्षण किया। एकल मार्ग से प्रवेश करते हुए हॉल में लगे हुए टीवी आदि देखे। दीवार की टाइल्स टूटी मिलने पर नई लगाने के निर्देश दिए। कहा कि किसी भी मरीज को ज्यादा समय तक इलाज में इंतजार न कराया जाए एवं प्रवेश द्वार पर स्ट्रैचर एवं व्हील चेयर की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रत्येक वार्ड को कैमरे पर बारीकी से निरीक्षण किया एवं उपलब्ध लैंडलाइन नंबर से कोविड मरीज शरद निगम एवं अन्य मरीजों से बात की।
विज्ञापन
डीएम ने कोरोना कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और निर्देश दिया कि मरीजों की सूचना इंटीग्रेटेड कोरोना कमांड सेंटर को दी जाए। डीएम ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का भी निरीक्षण किया एवं निर्देश दिये कि प्रसव के मरीज बढ़ने पर एवं इस मेडिकल कॉलेज को कोविड लेबल-2 फैसिलिटी घोषित होने प्रसव के मरीज को आवश्यकतानुसार जिला महिला चिकित्सालय में रेफर कर दिए जाएं। उन्होंने मेडिकल कचरे के निस्तारण के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान उपप्राचार्य डॉ आरएन कुशवाहा, डॉ नूतन अग्रवाल, डॉ मनोज वर्मा, डॉ कुलदीप चंदेल, डॉ संजीव गुप्ता, डॉ जितेंद्र मिश्रा, डॉ प्रशांत निरंजन, मैट्रन सुमन दुबे मौजूद रहीं।
विज्ञापन
वेंटीलेटर युक्त आईसीयू कक्ष का उद्घाटन
डीएम ने 60 शैय्याओं वाला वेंटीलेटर से सुसज्जित आईसीयू कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने वेंटीलेटर व दीवारों पर लगी नीली पीली एवं लाल पाइप लाइंस के बारे में जानकारी ली। एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अपूर्व अग्रवाल ने बताया कि सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम की पाइपलाइंस लगी हैं। सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने बताया कि सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम फेल होने पर ऑक्सीजन की कमी न हो, उसकी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सिलिंडर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने फायर सेफ्टी के बारे में जांच पड़ताल की। कहा कि जल्द वह दोबारा फायर सेफ्टी को लेकर समीक्षा करेंगी।