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आध्यात्मिकता से परिपूर्ण थे स्वामी विवेकानंद
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Tue, 12 Jan 2016 11:16 PM IST
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युवा और आध्यात्मिक उर्जा से ओतप्रोत भारत के निर्माण का सपना देखने वाले
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स्वामी विवेकानंद का जन्म दिन मंगलवार को जनपद में पूरे हर्षोंल्लास से
मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्रों और विभिन्न संगठनों ने
रैलियों और गोष्ठियों का आयोजन किया। लोगों ने इस दौरान स्वामी जी के
चरित्र की विशिष्ठता से सीख लेने और आधुनिक भारत के निर्माण के
उनके सपने को साकार करने का संकल्प लिया। इस दौरान कहा गया कि आज स्वामी विवेकानंद के सपनों को सच करने का वक्त आ गया है। जयंती पर भाजपा की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। डीवी कालेज सभागार में
आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेता अवध बब्बा, अनिल बहुगुणा, भास्कर अवस्थी, गौरीशंकर वर्मा, पूर्व नगर अध्यक्ष हरेंद्र विक्रम सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने स्वामीजी के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि विवेकानंद जी आध्यात्मिकता से परिपूर्ण, वेदांत दर्शन के विख्यात एवं प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। 12 जनवरी को हम सभी लोग राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में
मनाते हैं। स्वामी विवेकानंद ने 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वामी विवेकानंद के आदर्शों व सिद्धांतों पर चलते हुए उनके स्वप्न के एक भारत, श्रेष्ठ भारत, अखंड भारत को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं। इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने शपथ भी ली कि वे सभी स्वामी विवेकानंद के स्वप्न को साकार करेंगे।
एबीवीपी ने निकाली शोभायात्रा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर दयानंद वैदिक महाविद्यालय से भव्य शोभायात्रा निकाली। यह यात्रा शहीद भगत सिंह चौराहे से अंबेडकर चौराहे होती हुई महाविद्यालय में समाप्त हुई। छात्र-छात्राएं भारत माता केे जयकारे लगाते हुए जोश भर रहे थे। शोभायात्रा में क्रमांक शुक्ला, अजय यादव, प्रशांत द्विवेदी, राजा चौहान मौजूद रहे।
पहाड़गांव प्रतिनिधि के अनुसार न्यू सनराइज पब्लिक स्कूल पहाड़गांव में स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन मनया गया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अमित खान, प्रबंधक रवि राजशेखर, शिक्षक प्रवीण वर्मा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता रामबाबू शर्मा व संचालन रविराज ने किया।
पेंशनरों ने भी किया याद
वरिष्ठ नागरिक कल्याण सेवा समिति के तत्वावधान में पेंशनरों ने स्वामी विवेकानंद जी का जन्मदिवस पेंशनर्स कार्यालय कलेक्ट्रेट में मनाया गया। कार्यक्रम में डॉ. प्रयागनारायण त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी जी कहा करते थे कि कोई भी काल भारतीय राष्ट्रीय जीवन में ऐसा नहीं रहा जिसमें महापुरुषों का अभाव रहा हो। वहीं, रामदत्त द्विवेदी ने कहा कि स्वामी जी का संदेश था कि निर्धन के माध्यम से नारायण हमारी सेवा पाना चाहते हैं। कार्यक्रम को राजेंद्र सिंह निरंजन, सत्यनारायन
अग्निहोत्री, प्रताप सिंह जाटव, नंदकिशोर, कफील अहमद, एमएल उद्दीन, सुंदर लाल यादव, रामस्वरूप सोनी ने भी संबोधित किया। इस दौरान एमएल वर्मा, राजाराम द्विवेदी, शिवराम तिवारी, रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी मौजूद रहे।
जालौन में भी विभिन्न संगठनों ने मनाया दिवस
सेठ वीरेंद्र कुमार महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सर्वप्रथम स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पार्चन कर द्वीप प्रज्ज्वलित किया गया। वक्ता के रूप में सर्वप्रथम कार्यक्रम प्रभारी डॉ. अवनीश दीक्षित ने कहा कि विवेकानंद ने कहा था कि मुझे 100 युवा दे दो, मैं देश की तकदीर बदल दूंगा। इसलिए भारत सरकार
द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई प्रारंभ की गई। प्रत्येक महाविद्यालय में 100 युवा को लेकर तैयार की गई है। इसके बाद डा. आसिफ अंसारी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन परिचय को समस्त छात्र-छात्राओं के समक्ष रखा।
एक अन्य कार्यक्रम में डा. सचिन अवस्थी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हिंदू धर्म को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में
महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। चंद्रभान सेंगर ने विवेकानंद के आदर्शों को छात्र-छात्राओं को अवगत कराया। डॉ. सोमेंद्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद महिलाओं को प्रथम स्थान देते थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एस के कोष्ठा और नीस मंसूरी ने किया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गुलनाज अंसारी, राधा मिश्रा, आलोक कुमार, प्रतीक शुक्ला, पूजा पटेल, शुभम, मयंक कुशवाहा आदि छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
उनके सपने को साकार करने का संकल्प लिया। इस दौरान कहा गया कि आज स्वामी विवेकानंद के सपनों को सच करने का वक्त आ गया है। जयंती पर भाजपा की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। डीवी कालेज सभागार में
आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेता अवध बब्बा, अनिल बहुगुणा, भास्कर अवस्थी, गौरीशंकर वर्मा, पूर्व नगर अध्यक्ष हरेंद्र विक्रम सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने स्वामीजी के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि विवेकानंद जी आध्यात्मिकता से परिपूर्ण, वेदांत दर्शन के विख्यात एवं प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। 12 जनवरी को हम सभी लोग राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में
मनाते हैं। स्वामी विवेकानंद ने 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वामी विवेकानंद के आदर्शों व सिद्धांतों पर चलते हुए उनके स्वप्न के एक भारत, श्रेष्ठ भारत, अखंड भारत को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं। इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने शपथ भी ली कि वे सभी स्वामी विवेकानंद के स्वप्न को साकार करेंगे।
एबीवीपी ने निकाली शोभायात्रा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर दयानंद वैदिक महाविद्यालय से भव्य शोभायात्रा निकाली। यह यात्रा शहीद भगत सिंह चौराहे से अंबेडकर चौराहे होती हुई महाविद्यालय में समाप्त हुई। छात्र-छात्राएं भारत माता केे जयकारे लगाते हुए जोश भर रहे थे। शोभायात्रा में क्रमांक शुक्ला, अजय यादव, प्रशांत द्विवेदी, राजा चौहान मौजूद रहे।
पहाड़गांव प्रतिनिधि के अनुसार न्यू सनराइज पब्लिक स्कूल पहाड़गांव में स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन मनया गया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अमित खान, प्रबंधक रवि राजशेखर, शिक्षक प्रवीण वर्मा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता रामबाबू शर्मा व संचालन रविराज ने किया।
पेंशनरों ने भी किया याद
वरिष्ठ नागरिक कल्याण सेवा समिति के तत्वावधान में पेंशनरों ने स्वामी विवेकानंद जी का जन्मदिवस पेंशनर्स कार्यालय कलेक्ट्रेट में मनाया गया। कार्यक्रम में डॉ. प्रयागनारायण त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी जी कहा करते थे कि कोई भी काल भारतीय राष्ट्रीय जीवन में ऐसा नहीं रहा जिसमें महापुरुषों का अभाव रहा हो। वहीं, रामदत्त द्विवेदी ने कहा कि स्वामी जी का संदेश था कि निर्धन के माध्यम से नारायण हमारी सेवा पाना चाहते हैं। कार्यक्रम को राजेंद्र सिंह निरंजन, सत्यनारायन
अग्निहोत्री, प्रताप सिंह जाटव, नंदकिशोर, कफील अहमद, एमएल उद्दीन, सुंदर लाल यादव, रामस्वरूप सोनी ने भी संबोधित किया। इस दौरान एमएल वर्मा, राजाराम द्विवेदी, शिवराम तिवारी, रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी मौजूद रहे।
जालौन में भी विभिन्न संगठनों ने मनाया दिवस
सेठ वीरेंद्र कुमार महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सर्वप्रथम स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पार्चन कर द्वीप प्रज्ज्वलित किया गया। वक्ता के रूप में सर्वप्रथम कार्यक्रम प्रभारी डॉ. अवनीश दीक्षित ने कहा कि विवेकानंद ने कहा था कि मुझे 100 युवा दे दो, मैं देश की तकदीर बदल दूंगा। इसलिए भारत सरकार
द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई प्रारंभ की गई। प्रत्येक महाविद्यालय में 100 युवा को लेकर तैयार की गई है। इसके बाद डा. आसिफ अंसारी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन परिचय को समस्त छात्र-छात्राओं के समक्ष रखा।
एक अन्य कार्यक्रम में डा. सचिन अवस्थी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हिंदू धर्म को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में
महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। चंद्रभान सेंगर ने विवेकानंद के आदर्शों को छात्र-छात्राओं को अवगत कराया। डॉ. सोमेंद्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद महिलाओं को प्रथम स्थान देते थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एस के कोष्ठा और नीस मंसूरी ने किया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गुलनाज अंसारी, राधा मिश्रा, आलोक कुमार, प्रतीक शुक्ला, पूजा पटेल, शुभम, मयंक कुशवाहा आदि छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।