उरई। भाजपा मत्स्य प्रकोष्ठ की ओर से मछुआरा स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन रविवार को शहर के एक उत्सव गृह में हुआ। मुख्य अतिथि व राज्यसभा के पूर्व सांसद जयप्रकाश निषाद ने कहा कि जब पीएम मोदी खुद को मां गंगा का बेटा कहते हैं, तो समाज के टुकड़ों पर पलने वाला कोई नेता खुद को मछुआरों का गॉडफादर नहीं कह सकता। यह समाज की मेहनत और त्याग का अपमान है। समाज को बिचौलियों से दूर रहना चाहिए। समाज के नाम पर बनी कुछ पार्टियां परिवार की राजनीति और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा में कार्यकर्ताओं और समाज की ताकत से निर्णय होते हैं। मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। कार्यक्रम आयोजक व जिला पंचायत सदस्य इंजीनियर रणविजय निषाद ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को जागरूक और एकजुट करना है। समाज में शिक्षा को बढ़ावा देना है। आज का कार्यक्रम सफल रहा, जो यह बताता है कि समाज एकजुट हो रहा है। अन्य वक्ताओं ने युवाओं को संदेश दिया गया कि अब समय आ गया है कि समाज नाव और जाल से आगे बढ़कर किताब और कलम उठाएं। डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और नेता बनकर अपनी आवाज खुद बुलंद करें। शिक्षा और समर्पण से ही समाज अपनी नई पहचान बना सकता है। निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही नीति निर्माण और मछुआरा समाज के हितों के लिए एक और बैठक की जाएगी। अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी ने की। इस दौरान ब्रजेश निषाद, महेंद्र निषाद, अमित रायकवार, रामसहोदर, अभिषेक निषाद, श्यामकिशोर, अतुल निषाद, रामबाबू केवट, राकेश कुशवाहा, हरप्रसाद मुन्ना, छत्रपाल, संतोष निषाद, बालसिंह, उमाशंकर आदि रहे।