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बैंकों में कैश की किल्लत, एटीएम में लंबी लाइन
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 02 Dec 2016 11:05 PM IST
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पीएनबी के एटीएम में लगी लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर केे बैंकों, एटीएमों पर पैसा न होने का असर शुक्रवार को साफ दिखाई पड़ा। नोटबंदी के फैसले के 24 दिन बाद स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में लगने वाले लंबी लाइन दोपहर के बाद नहीं दिखाई पड़ी। वहीं, अधिकांश एटीएम बंद रहे, जो चालू रहे, उनमें लंबी लाइनें लगी रही। कर्मचारियों, पेंशनरों को मन मुताबिक पैसा न मिलने से मायूसी रही। वहीं, पुलिस के जवान
वर्दी में अपना वेतन लेने बैंकों में पहुंचे। महीने भर ड्यूटी करने के बाद जब वेतन लेने का नंबर आया तो कर्मचारियों को मायूसी हाथ लगी। घर के खर्च, दूध का पैसा, बच्चों की फीस, गैस आदि खर्चों के लिए सरकारी कर्मचारियों को बैंक शाखाओं से जरूरत भर पैसा नहीं मिल पा रहा है। इससे कर्मचारी, पेंशनरों को परेशानी हो रही है। शुक्रवार को इलाहाबाद बैंक शाखा
विकास भवन में कर्मचारियों व पेंशनरों की भीड़ लगी रही, लेकिन सिर्फ 2000 व 4000 रुपये दिए गए। इससे कर्मचारियों व पेंशनरों को निराश होना पड़ा। बैंक के अधिकारी कम कैश होने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि जो भी कैश है, उसी से थोड़ा-थोड़ा बांटकर किसी तरह से काम चल रहा है। सभी को संतुष्ट करने का प्रयास कर रहे है। कई कर्मचारियों ने कहा कि
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ड्यूटी व नौकरी की वजह से बैंकोें में पहुंचने का टाइम नहीं मिलता है। पैसे के लिए बार-बार कैसे बैंक के चक्कर लगाएं। स्टेट बैंक मुख्य शाखा में लगने वाली लंबी लाइन भी शुक्रवार को नहीं दिखाई पड़ी। बैंक परिसर में लोग पैसा लेने के लिए लाइनों में लगे रहे। बैंक प्रबंधक रवि रंजन वर्मा का कहना है कि दस हजार तक कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को दिए जा रहे हैं।
वहीं, स्टेट बैंक का एटीएम बंद रहा। पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम चालू रहा। इसमें दिन भर लंबी लाइन लगी रही। शहर के ज्यादातर एटीएम बंद रहे। हर जगह कैश न होने की बात कही जाती रही। इससे खातेधारकों को मायूसी हाथ लगी। वहीं, विकास भवन स्थित बैंक शाखा में पुलिस कर्मी बावर्दी वेतन निकालने को प्रयासरत रहे।
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वर्दी में अपना वेतन लेने बैंकों में पहुंचे। महीने भर ड्यूटी करने के बाद जब वेतन लेने का नंबर आया तो कर्मचारियों को मायूसी हाथ लगी। घर के खर्च, दूध का पैसा, बच्चों की फीस, गैस आदि खर्चों के लिए सरकारी कर्मचारियों को बैंक शाखाओं से जरूरत भर पैसा नहीं मिल पा रहा है। इससे कर्मचारी, पेंशनरों को परेशानी हो रही है। शुक्रवार को इलाहाबाद बैंक शाखा
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विकास भवन में कर्मचारियों व पेंशनरों की भीड़ लगी रही, लेकिन सिर्फ 2000 व 4000 रुपये दिए गए। इससे कर्मचारियों व पेंशनरों को निराश होना पड़ा। बैंक के अधिकारी कम कैश होने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि जो भी कैश है, उसी से थोड़ा-थोड़ा बांटकर किसी तरह से काम चल रहा है। सभी को संतुष्ट करने का प्रयास कर रहे है। कई कर्मचारियों ने कहा कि
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ड्यूटी व नौकरी की वजह से बैंकोें में पहुंचने का टाइम नहीं मिलता है। पैसे के लिए बार-बार कैसे बैंक के चक्कर लगाएं। स्टेट बैंक मुख्य शाखा में लगने वाली लंबी लाइन भी शुक्रवार को नहीं दिखाई पड़ी। बैंक परिसर में लोग पैसा लेने के लिए लाइनों में लगे रहे। बैंक प्रबंधक रवि रंजन वर्मा का कहना है कि दस हजार तक कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को दिए जा रहे हैं।
वहीं, स्टेट बैंक का एटीएम बंद रहा। पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम चालू रहा। इसमें दिन भर लंबी लाइन लगी रही। शहर के ज्यादातर एटीएम बंद रहे। हर जगह कैश न होने की बात कही जाती रही। इससे खातेधारकों को मायूसी हाथ लगी। वहीं, विकास भवन स्थित बैंक शाखा में पुलिस कर्मी बावर्दी वेतन निकालने को प्रयासरत रहे।