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Jalaun News: किशोरी के अपहरण में दोषी को सात साल का कारावास
Sun, 04 Aug 2024 01:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sun, 04 Aug 2024 01:32 AM IST
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उरई। किशोरी को बहलार ले जाने के मामले में पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने दोषी को सात साल की सजा सुनाई और 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
कुठौंद थाना के एक मोहल्ला निवासी मां ने 18 अगस्त 2017 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि 28 जून 2017 को उसकी नाबालिग बेटी को अज्ञात व्यक्ति बहलाकर ले गया है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। घटनास्थल पर मौजूद फोन के लोकेशन की मदद से पुलिस ने विक्रम सिंह निवासी ग्राम मढा दासपुर, बेला जिला औरैया को 5 अक्तूबर 2017 को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया था।
विक्रम के पास किशोरी भी मिल गई थी। पुलिस पूछताछ में किशोरी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से विक्रम सिंह से मुलाकात हुई थी और वह बहलाकर ले गया था। उसने अपने रिश्तेदारों व जान पहचान वालों के पास रखा। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। पुलिस ने खिलाफ पॉक्सो एक्ट कोर्ट में 25 अप्रैल 2018 को आरोप पत्र दाखिल किया। शनिवार को सुनवाई पूरी होने के बाद पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने विक्रम सिंह को दोषी पाते हुए सात साल की सजा सुनाई और 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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कुठौंद थाना के एक मोहल्ला निवासी मां ने 18 अगस्त 2017 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि 28 जून 2017 को उसकी नाबालिग बेटी को अज्ञात व्यक्ति बहलाकर ले गया है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। घटनास्थल पर मौजूद फोन के लोकेशन की मदद से पुलिस ने विक्रम सिंह निवासी ग्राम मढा दासपुर, बेला जिला औरैया को 5 अक्तूबर 2017 को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया था।
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विक्रम के पास किशोरी भी मिल गई थी। पुलिस पूछताछ में किशोरी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से विक्रम सिंह से मुलाकात हुई थी और वह बहलाकर ले गया था। उसने अपने रिश्तेदारों व जान पहचान वालों के पास रखा। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। पुलिस ने खिलाफ पॉक्सो एक्ट कोर्ट में 25 अप्रैल 2018 को आरोप पत्र दाखिल किया। शनिवार को सुनवाई पूरी होने के बाद पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने विक्रम सिंह को दोषी पाते हुए सात साल की सजा सुनाई और 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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