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Jalaun News: 62 हजार हेक्टेयर तिली की फसल पर संकट, सैकड़ों बीघा जलमग्न

Fri, 04 Sep 2026 01:20 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 01:20 AM IST
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Sesame crop on 62,000 hectares at risk; hundreds of *bighas* submerged.
फोटो - 18 बारिश से तिल की फसल में भरा पानी। संवाद
उरई। लगातार हो रही बारिश से जिले में तिली की फसल पर संकट गहरा गया है। जिले में करीब 62 हजार हेक्टेयर में बोई गई तिली की फसल जलभराव की चपेट में है। कई इलाकों में खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण फसल सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों को लागत निकलना भी मुश्किल नजर आ रहा है।
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तहसील कालपी के संदी गांव में ही सैकड़ों बीघा तिली की फसल जलमग्न हो गई है। खेतों से पानी की निकासी का समुचित प्रबंध न होने के कारण बारिश का पानी जमा है। कई खेतों में फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। किसानों का कहना है कि जल्द पानी नहीं निकला तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।
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प्रधान प्रतिनिधि संजय पटेल के अनुसार, गांव में अधिकांश किसानों ने तिलहन की फसल बोई थी। लगातार बारिश से हुए जलभराव ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसान संजय पटेल की करीब 100 बीघा, नमोनारायण की 150 बीघा, संतोष कुमार की 60 बीघा, मनोज कुमार की 40 बीघा, महेंद्र सिंह की 35 बीघा और रामराजा की करीब 30 बीघा तिली की फसल पानी में डूबी बताई गई है।
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किसानों का कहना है कि खेतों में कई दिनों तक पानी भरा रहने से तिली की फसल सड़ने लगेगी। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराने, जल्द जलनिकासी की व्यवस्था करने और नुकसान के आधार पर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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