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Jalaun News: रिश्वत कांड में सीनियर सेक्शन इंजीनियर व टेक्नीशियन की सेवाएं समाप्त
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उरई। उरई स्टेशन के टीआरडी विभाग में रिश्वत कांड उजागर होने के बाद रेल प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए सीनियर सेक्शन इंजीनियर भगवान सिंह पाल व टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा की सेवाएं समाप्त कर दी है। इस मामले में मंडलीय अभियंता (डीईई) शांतनु सिंह को निलंबित किया जा चुका है। साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
बता दें कि मोंठ निवासी संविदा ऑपरेटर सिद्धार्थ गौतम ने एसपी सीबीआई लखनऊ से शिकायत की थी कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर भगवान सिंह (बीएस) पाल ने नौकरी बनाए रखने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी और 23 हजार रुपये के वेतन में से हर माह 13 हजार रुपये देने का दबाव बनाया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने 19 फरवरी की रात बीएस पाल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पाल ने बताया कि यह रकम डीईई टीआरडी शांतनु सिंह और टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा के कहने पर ली जा रही थी।
इसके बाद दूसरी टीम ने चित्रकूट के रेलवे रेस्ट हाउस से दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी कर्मचारी संविदा कर्मियों से वेतन का बड़ा हिस्सा सुविधा शुल्क के रूप में वसूलते थे। भुगतान न करने पर खाता बंद कराने और नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती थी। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सीबीआई द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए तीनों रेलकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। अब सीनियर सेक्शन इंजीनियर भगवान सिंह पाल, टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। डीईई के मामले में उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन से निर्णय लिया जाएगा। बरहराल सीबीआई की कार्रवाई से रेलवे के अन्य विभागों में भी खलबली मची हुई है।
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बता दें कि मोंठ निवासी संविदा ऑपरेटर सिद्धार्थ गौतम ने एसपी सीबीआई लखनऊ से शिकायत की थी कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर भगवान सिंह (बीएस) पाल ने नौकरी बनाए रखने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी और 23 हजार रुपये के वेतन में से हर माह 13 हजार रुपये देने का दबाव बनाया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने 19 फरवरी की रात बीएस पाल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पाल ने बताया कि यह रकम डीईई टीआरडी शांतनु सिंह और टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा के कहने पर ली जा रही थी।
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इसके बाद दूसरी टीम ने चित्रकूट के रेलवे रेस्ट हाउस से दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी कर्मचारी संविदा कर्मियों से वेतन का बड़ा हिस्सा सुविधा शुल्क के रूप में वसूलते थे। भुगतान न करने पर खाता बंद कराने और नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती थी। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सीबीआई द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए तीनों रेलकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। अब सीनियर सेक्शन इंजीनियर भगवान सिंह पाल, टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। डीईई के मामले में उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन से निर्णय लिया जाएगा। बरहराल सीबीआई की कार्रवाई से रेलवे के अन्य विभागों में भी खलबली मची हुई है।
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