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एसई ने गलती मानी, आंदोलन खत्म
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Fri, 08 Jan 2016 11:25 PM IST
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अधीक्षण अभियंता की अभद्रता से नाराज होकर धरने पर बैठे बिजली विभाग के अवर
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अभियंता शुक्रवार को अपनी मांगों से पीछे हट गए और धरना खत्म कर दिया।
संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद एसई ने अपनी गलती स्वीकार
कर ली और आगे से ऐसा न होने का आश्वासन दिया। इसके बाद अवर अभियंताओं ने
धरना खत्म करने की
घोषणा कर दी। जेई एसई द्वारा लिखित माफी मांगने और उनके ट्रांसफर की मांग पर अड़े थे। पर इनमें से उनकी कोई भी मांग पूरी नहीं हुई। ठेकेदार की शिकायत पर बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एसएस प्रसाद ने महेवा ब्लाक के खल्ला खांकरी पावर हाउस में तैनात जेई संजीव अहिरवार के साथ फोन पर अभद्रता कर दी थी। इसक ा ऑडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद बिजली विभाग के सभी अवर अभियंताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया था और छह जनवरी से एसई कार्यालय में धरने पर बैठ गए थे। पहले दिन उनकी मांग थी कि जेई से अभद्रता करने वाले अधीक्षण अभियंता लिखित में माफी मांगें। दूसरे दिन अवर अभियंताओं का आक्रोश और बढ़ गया और वह
लिखित में माफीके साथ ही अधीक्षण अभियंता के ट्रांसफर की मांग पर भी अड़ गए थे। तीसरे दिन शुक्रवार को अवर अभियंताओं के संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष आरके त्रिवेदी उरई आ गए। उनके आने के बाद अवर अभियंताओं का आक्रोश खत्म हो गया और उन्होंने कोई भी मांग पूरी न होने के बावजूद भी धरना खत्म कर दिया। एसई ने न ही लिखित में
माफी मांगी गई और न ही उनका ट्रांसफर हुआ। हालांकि सम्मानजनक तरीके से धरना खत्म कराने के लिए केंद्रीय अध्यक्ष आरके त्रिवेदी ने प्रयास जरूर किया और उनके प्रयास के बाद अधीक्षण अभियंता एसएस प्रसाद अवर अभियंताओं के धरना स्थल पर आए। यहां पर उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और आगे से इस तरह का व्यवहार न करने का
आश्वासन दिया। इस तरह अवर अभियंताओं का आंदोलन खत्म हो गया। इस संबंध में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के जोनल अध्यक्ष आरबी सिंह ने कहा कि लोकहित को ध्यान में रखते हुए और अधीक्षण अभियंता
द्वारा सार्वजनिक तौर पर माफी मांग लेने के बाद धरना खत्म कर दिया गया है। इस मौके पर जेई पंकज मौर्या, विनय साहू, अमित सक्सेना, रामकुमार, अखिलेश त्रिपाठी, सुमित साहू, प्रमोद कुमार, अनिल कुमार, आरके यादव, आरबी सिंह, बीके चौधरी आदि मौजूद रहे।
घोषणा कर दी। जेई एसई द्वारा लिखित माफी मांगने और उनके ट्रांसफर की मांग पर अड़े थे। पर इनमें से उनकी कोई भी मांग पूरी नहीं हुई। ठेकेदार की शिकायत पर बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एसएस प्रसाद ने महेवा ब्लाक के खल्ला खांकरी पावर हाउस में तैनात जेई संजीव अहिरवार के साथ फोन पर अभद्रता कर दी थी। इसक ा ऑडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद बिजली विभाग के सभी अवर अभियंताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया था और छह जनवरी से एसई कार्यालय में धरने पर बैठ गए थे। पहले दिन उनकी मांग थी कि जेई से अभद्रता करने वाले अधीक्षण अभियंता लिखित में माफी मांगें। दूसरे दिन अवर अभियंताओं का आक्रोश और बढ़ गया और वह
लिखित में माफीके साथ ही अधीक्षण अभियंता के ट्रांसफर की मांग पर भी अड़ गए थे। तीसरे दिन शुक्रवार को अवर अभियंताओं के संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष आरके त्रिवेदी उरई आ गए। उनके आने के बाद अवर अभियंताओं का आक्रोश खत्म हो गया और उन्होंने कोई भी मांग पूरी न होने के बावजूद भी धरना खत्म कर दिया। एसई ने न ही लिखित में
माफी मांगी गई और न ही उनका ट्रांसफर हुआ। हालांकि सम्मानजनक तरीके से धरना खत्म कराने के लिए केंद्रीय अध्यक्ष आरके त्रिवेदी ने प्रयास जरूर किया और उनके प्रयास के बाद अधीक्षण अभियंता एसएस प्रसाद अवर अभियंताओं के धरना स्थल पर आए। यहां पर उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और आगे से इस तरह का व्यवहार न करने का
आश्वासन दिया। इस तरह अवर अभियंताओं का आंदोलन खत्म हो गया। इस संबंध में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के जोनल अध्यक्ष आरबी सिंह ने कहा कि लोकहित को ध्यान में रखते हुए और अधीक्षण अभियंता
द्वारा सार्वजनिक तौर पर माफी मांग लेने के बाद धरना खत्म कर दिया गया है। इस मौके पर जेई पंकज मौर्या, विनय साहू, अमित सक्सेना, रामकुमार, अखिलेश त्रिपाठी, सुमित साहू, प्रमोद कुमार, अनिल कुमार, आरके यादव, आरबी सिंह, बीके चौधरी आदि मौजूद रहे।