{"_id":"614cc59a8ebc3efd0f2cdcd7","slug":"school-bsa-gandhi-brc-black-orai-news-knp6540208126","type":"story","status":"publish","title_hn":"निरीक्षण में कहीं स्कूल बंद मिले तो कहीं मास्साब मिले गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निरीक्षण में कहीं स्कूल बंद मिले तो कहीं मास्साब मिले गायब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई। बीएसए प्रेमचंद यादव ने गुरुवार को डकोर ब्लाक की बीआरसी, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय समेत छह से अधिक स्कूलों का निरीक्षण किया। स्कूल बंद मिलने और गैरहाजिर मिलने वाले शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया। जबकि अच्छा काम करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत भी किया गया।
बीएसए ने सबसे पहले डकोर ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय उसरगांव का सुबह 8.45 बजे निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान शिक्षिका विमला याज्ञिक, अर्चना कुलश्रेष्ठ, नीलम चौरसिया, देवेंद्र सिंह गैरहाजिर मिले। सभी शिक्षकों का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद बीएसए ने उच्च प्राथमिक विद्यालय बर्ध का 9.15 बजे निरीक्षण किया। निरीक्षण में शैक्षिक गुणवत्ता अच्छी मिलने पर प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार को प्रशस्तिपत्र दिया गया। जबकि गैरहाजिर हरीशंकर निरंजन व अनुदेशक नीलम निरंजन, लता आनंद, रिचा निरंजन के गैरहाजिर मिलने पर इनका वेतन रोका गया। साथ ही बीईओ डकोर को निर्देशित किया जाता कि विद्यालय का पाक्षिक निरीक्षण कर अनुदेशकों की उपस्थिति के संबंध में आख्या उपलब्ध कराए। ताकि लगातार अनुपस्थित अनुदेशकों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की सके। बीएसए ने उच्च प्राथमिक विद्यालय दौलतपुर में 10.30 बजे निरीक्षण किया, स्कूल बंद मिला। प्रधानाध्यापिका अलका निरंजन का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया। कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय हरदोई गूजर का 10.45 बजे निरीक्षण किया। शैक्षिक गुणवत्ता ठीक मिलने पर प्रधानाध्यापिका स्नेहलता तिवारी को प्रशस्तिपत्र दिया गया। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मड़ोरा में व्यवस्थाएं ठीक मिली। बीआरसी मड़ोरा में 10.55 बजे निरीक्षण में कंप्यूटर आपरेटर नरेंद्र नाथ प्रजापति, सहायक लेखाकार मोहम्मद गफ्फार, अनुचर कल्पना अग्रवाल गैरहाजिर मिली। सबका वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया।
-----------
फोटो-13-स्कूल बंद होने पर बरामदे में खड़े बच्चे। संवाद
स्कूलों में बच्चे तो पहुंचे, पर शिक्षक गायब
माधौगढ़। शासन-प्रशासन विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों की शिक्षा को लेकर जोर दे रही है। वहीं शिक्षा अधिकारियों की अनदेखी के चलते बीहड़ क्षेत्र के विद्यालयों में अध्यापक कब आए कब जाएं पता नहीं। अभिभावकों ने डीएम से बीहड़ स्थित विद्यालयों की निरीक्षण करने की मांग की है। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद शासन ने कोरोना गाइडलाइन के चलते सितंबर से विद्यालय खोलने की शुरुआत की। शिक्षा अधिकारियों की अनदेखी के चलते बीहड़ क्षेत्र के विद्यालयों का हाल बेहाल है। ऐसा ही मामला कंपोजिट विद्यालय असहना का है। 69 छात्र पंजीकृत हैं। छात्रों को शिक्षा देने के लिए अध्यापक अनिल शर्मा, अभय द्विवेदी, सुरेश की तैनाती है। सुबह दस बजे तक विद्यालय बंद था। विद्यालय के बाहर रोहणी कक्षा 7, उपासना व राघव कक्षा तीन का कहना है कि अध्यापक कब आए कब चले जाए पता नहीं। विद्यालय में तैनात अध्यापक उदय कुशवाहा, शिक्षामित्र जनक नदारद है। छात्रों के अभिभावक रामस्वरुप, गुलाब, मुन्ना, अशोक का कहना है कि अधिकारियों की अनदेखी के चलते बीहड़ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है। जबकि सरकार शिक्षा पर जोर दे रही है। बीईओ नेत्रपाल सिंह का कहना है कि अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
विज्ञापन
-----------------
एक शिक्षक को भरोसे 117 बच्चे
रामपुरा। प्राइमरी स्कूल टीहर एक शिक्षक दीपक चौहान के भरोसे है। जबकि इस स्कूल में 117 बच्चे हैं। यहां एक और शिक्षक मंगल सिंह भी तैनाती है लेकिन वह दो साल से नहीं आ रहे हैं। प्रधान प्रदीप गौरव ने इसकी शिकायत बीएसए से की है। बीएसए ने मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कही है। (संवाद)
-------------------
ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि जारी
उरई। डीआईओएस भगवत पटेल ने बताया कि कक्षा नौ व 11 में अग्रिम पंजीकरण शुल्क को एकमुश्त जमा करने ऑनलाइन अपलोड करने की संशोधित तिथि 16 अक्तूबर कर दी गई है। जबकि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 6 अक्तूबर है। उन्होंने प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि सभी छात्र-छात्राओं के आवेदन ऑनलाइन अपलोड कराना सुनिश्चित करें। (संवाद)
विज्ञापन
बीएसए ने सबसे पहले डकोर ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय उसरगांव का सुबह 8.45 बजे निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान शिक्षिका विमला याज्ञिक, अर्चना कुलश्रेष्ठ, नीलम चौरसिया, देवेंद्र सिंह गैरहाजिर मिले। सभी शिक्षकों का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद बीएसए ने उच्च प्राथमिक विद्यालय बर्ध का 9.15 बजे निरीक्षण किया। निरीक्षण में शैक्षिक गुणवत्ता अच्छी मिलने पर प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार को प्रशस्तिपत्र दिया गया। जबकि गैरहाजिर हरीशंकर निरंजन व अनुदेशक नीलम निरंजन, लता आनंद, रिचा निरंजन के गैरहाजिर मिलने पर इनका वेतन रोका गया। साथ ही बीईओ डकोर को निर्देशित किया जाता कि विद्यालय का पाक्षिक निरीक्षण कर अनुदेशकों की उपस्थिति के संबंध में आख्या उपलब्ध कराए। ताकि लगातार अनुपस्थित अनुदेशकों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की सके। बीएसए ने उच्च प्राथमिक विद्यालय दौलतपुर में 10.30 बजे निरीक्षण किया, स्कूल बंद मिला। प्रधानाध्यापिका अलका निरंजन का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया। कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय हरदोई गूजर का 10.45 बजे निरीक्षण किया। शैक्षिक गुणवत्ता ठीक मिलने पर प्रधानाध्यापिका स्नेहलता तिवारी को प्रशस्तिपत्र दिया गया। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मड़ोरा में व्यवस्थाएं ठीक मिली। बीआरसी मड़ोरा में 10.55 बजे निरीक्षण में कंप्यूटर आपरेटर नरेंद्र नाथ प्रजापति, सहायक लेखाकार मोहम्मद गफ्फार, अनुचर कल्पना अग्रवाल गैरहाजिर मिली। सबका वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया।
विज्ञापन
-----------
फोटो-13-स्कूल बंद होने पर बरामदे में खड़े बच्चे। संवाद
स्कूलों में बच्चे तो पहुंचे, पर शिक्षक गायब
माधौगढ़। शासन-प्रशासन विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों की शिक्षा को लेकर जोर दे रही है। वहीं शिक्षा अधिकारियों की अनदेखी के चलते बीहड़ क्षेत्र के विद्यालयों में अध्यापक कब आए कब जाएं पता नहीं। अभिभावकों ने डीएम से बीहड़ स्थित विद्यालयों की निरीक्षण करने की मांग की है। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद शासन ने कोरोना गाइडलाइन के चलते सितंबर से विद्यालय खोलने की शुरुआत की। शिक्षा अधिकारियों की अनदेखी के चलते बीहड़ क्षेत्र के विद्यालयों का हाल बेहाल है। ऐसा ही मामला कंपोजिट विद्यालय असहना का है। 69 छात्र पंजीकृत हैं। छात्रों को शिक्षा देने के लिए अध्यापक अनिल शर्मा, अभय द्विवेदी, सुरेश की तैनाती है। सुबह दस बजे तक विद्यालय बंद था। विद्यालय के बाहर रोहणी कक्षा 7, उपासना व राघव कक्षा तीन का कहना है कि अध्यापक कब आए कब चले जाए पता नहीं। विद्यालय में तैनात अध्यापक उदय कुशवाहा, शिक्षामित्र जनक नदारद है। छात्रों के अभिभावक रामस्वरुप, गुलाब, मुन्ना, अशोक का कहना है कि अधिकारियों की अनदेखी के चलते बीहड़ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है। जबकि सरकार शिक्षा पर जोर दे रही है। बीईओ नेत्रपाल सिंह का कहना है कि अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
विज्ञापन
-----------------
एक शिक्षक को भरोसे 117 बच्चे
रामपुरा। प्राइमरी स्कूल टीहर एक शिक्षक दीपक चौहान के भरोसे है। जबकि इस स्कूल में 117 बच्चे हैं। यहां एक और शिक्षक मंगल सिंह भी तैनाती है लेकिन वह दो साल से नहीं आ रहे हैं। प्रधान प्रदीप गौरव ने इसकी शिकायत बीएसए से की है। बीएसए ने मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कही है। (संवाद)
-------------------
ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि जारी
उरई। डीआईओएस भगवत पटेल ने बताया कि कक्षा नौ व 11 में अग्रिम पंजीकरण शुल्क को एकमुश्त जमा करने ऑनलाइन अपलोड करने की संशोधित तिथि 16 अक्तूबर कर दी गई है। जबकि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 6 अक्तूबर है। उन्होंने प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि सभी छात्र-छात्राओं के आवेदन ऑनलाइन अपलोड कराना सुनिश्चित करें। (संवाद)