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आरपीएफ ने महिला कोच से उतारे पुरुष यात्री

Mon, 17 Feb 2020 12:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 17 Feb 2020 12:42 AM IST
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RPF took out male passengers from female coaches
पीडीएफ - फोटो : ORAI
उरई। महिला कोच में यात्रा करने वालों के खिलाफ आरपीएफ का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। आरपीएफ ने महिलाओं को दिया उनका हक। ग्वालियर से बरौनी जाने वाली छपरा मेल समेत कई ट्रेनों में महिला कोच पर बैठे यात्रियों को कोच से उतारा। यही नहीं कई पुरुषों ने इस पर आपत्ति भी जताई कि उनकी पत्नी महिला कोच में है, वह उनसे अलग हो जाएगी। लेकिन आरपीएफ ने उन्हें समझाकर शांत किया कि अगर यही बात है कि पत्नी के साथ दूसरे कोच में बैठें।
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बता दें कि अमर उजाला ने 15 फरवरी के अंक में कब सुरक्षित होंगे आधी आबादी के अधिकार शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, इसे संज्ञान में लेकर आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय के निर्देश पर शनिवार को अभियान चलाकर नौ पुरुषों को महिला कोच से उतारकर उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। आरपीएफ का अभियान रविवार को भी जारी रहा। आरपीएफ ने छपरा मेल, गोरखपुर से तिरुअंतपुर जाने वाली राप्तीसागर जैसी ट्रेनों में महिला कोच में सवार यात्रियों को उतारा। इस दौरान कई पुरुषों ने नाराजगी भी जताई। हालांकि आरपीएफ के तेवर देखकर उन्होंने कोच बदल लिया। इसे लेकर महिलाएं खुश देखी गई। कई महिलाओं को कोच में उनकी सीट मिल गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय ने बताया कि महिला कोच में यात्रा करने वाले पुरुषों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। दिन के साथ रात में भी इस ट्रैक से गुजरने वाली ट्रेनों में छापेमारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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गैलरी में खड़ी होकर आ रही थी, सीट मिली
पुखरायां निवासी लीलावती का कहना है कि वे शादी समारोह में लौट रही थी, महिला आरक्षित कोच में पुरुष बैठे थे, इसके चलते वे मजबूरी में सीट न मिलने पर कोच की गैलरी में खड़ी है। उन्होंने कहा कि आरपीएफ ने अभियान चलाकर उन्हें सीट मुहैया कराई, यह अच्छी बात है।
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जारी रहना चाहिए अभियान
कानपुर के गोविंदनगर निवासी बसंती बोली कि वे ग्वालियर से आ रही है, ग्वालियर से ही कोच में पुरुष भरे थे, उरई आने पर आरपीएफ ने पुरुषों को उतारकर उन्हें जगह दिलाई। रेलवे प्रशासन को इस तरह का अभियान सब जगह चलाना चाहिए ताकि महिलाओं को हक मिल सके।

महिला कोच में बैठे यात्रियों को उतारते आरपीएफ कर्मी।

महिला कोच में बैठे यात्रियों को उतारते आरपीएफ कर्मी।- फोटो : ORAI

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