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प्रसूता पत्नी को लादकर डेढ़ किमी खींचा रिक्शा
अमर उजाला ब्यूूूराो
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:04 AM IST
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प्रसूता को रिक्शे पर ले जाता पति
- फोटो : अमर उजाला
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कदौरा। कदौरा सीएचसी में प्रसव के बाद घर जाने के लिए जच्चा-बच्चा को 102 एंबुलेंस मुहैया नहीं कराई गई। मजबूरन पति रिक्शा ट्रॉली में लादकर डेढ़ किलोमीटर खींचकर पत्नी को घर ले गया। उसकी मां गोद में नवजात को लेकर पैदल चल रही थी। करीब पांच दिन पहले भी एक मरीज को एंबुलेंस चालक पैसे न देने पर रास्ते पर उतार कर लौट गया था।
कदौरा के मुहल्ला धोबीपुरा निवासी गफ्फार की पत्नी सबरीन गर्भवती थी। शुक्रवार शाम को उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस पर गफ्फार पत्नी को रिक्शा ट्रॉली पर लेकर कदौरा सीएचसी ले गया। डॉक्टर ने सबरीन को भर्ती कर लिया। शनिवार सुबह सबरीन प्रसव हो गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे, इसके चलते डॉक्टर ने उनकी छुट्टी कर दी लेकिन घर जाने के लिए 102 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरन गफ्फार ने पत्नी को हाथ रिक्शे पर लिटाया और पैदल रिक्शा खींचते हुए घर ले गया। पीछे-पीछे गफ्फार की मां नवजात बच्चे को लेकर चल रही थीं। इस संबंध में सीएचसी कदौरा सीएचसी प्रभारी एसडी चौधरी का कहना है कि पति दबाव डालकर महिला को डिस्चार्ज करा लिया था। एंबुलेंस का कहने पर उसने खुद मना कर दिया था। गौरतलब है कि करीब पांच दिन पहले कदौरा सीएचसी में नसबंदी के बाद महिला को 102 एंबुलेंस से घर भेजा गया था। रास्ते मेें एंबुलेंस चालक ने महिला के पति से रुपये मांगे। रुपये ने देने पर मरीज को रास्ते में उतार कर चालक एंबुलेंस ले गया था। महिला के पति ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की थी। अधिकारियों ने जांच के नाम पर मामला लटका दिया।
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कदौरा के मुहल्ला धोबीपुरा निवासी गफ्फार की पत्नी सबरीन गर्भवती थी। शुक्रवार शाम को उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस पर गफ्फार पत्नी को रिक्शा ट्रॉली पर लेकर कदौरा सीएचसी ले गया। डॉक्टर ने सबरीन को भर्ती कर लिया। शनिवार सुबह सबरीन प्रसव हो गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे, इसके चलते डॉक्टर ने उनकी छुट्टी कर दी लेकिन घर जाने के लिए 102 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरन गफ्फार ने पत्नी को हाथ रिक्शे पर लिटाया और पैदल रिक्शा खींचते हुए घर ले गया। पीछे-पीछे गफ्फार की मां नवजात बच्चे को लेकर चल रही थीं। इस संबंध में सीएचसी कदौरा सीएचसी प्रभारी एसडी चौधरी का कहना है कि पति दबाव डालकर महिला को डिस्चार्ज करा लिया था। एंबुलेंस का कहने पर उसने खुद मना कर दिया था। गौरतलब है कि करीब पांच दिन पहले कदौरा सीएचसी में नसबंदी के बाद महिला को 102 एंबुलेंस से घर भेजा गया था। रास्ते मेें एंबुलेंस चालक ने महिला के पति से रुपये मांगे। रुपये ने देने पर मरीज को रास्ते में उतार कर चालक एंबुलेंस ले गया था। महिला के पति ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की थी। अधिकारियों ने जांच के नाम पर मामला लटका दिया।
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