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Jalaun News: 25 एकड़ भूमि में विकसित होगी आवासीय कॉलोनी, टुकड़ों का फंसा पेंच
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उरई। ओडीए यानी उरई विकास प्राधिकरण की हाउजिंग सोसाइटी को लेकर आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना है।
इसमें वह फ्लैट तैयार कर बड़ी कॉलोनी और बाजार विकसित करना चाह रहे हैं, लेकिन इस योजना में टुकड़ों का पेंच फंस गया है। ओडीए को एक ही क्षेत्र में एक साथ 25 एकड़ भूमि नहीं मिल पा रही है। करीब तीन माह की दौड़ के बाद अलग-अलग जगहों के कुछ किसानों ने जमीन बेचने की बात कही है, लेकिन इससे जो रूप योजना का तैयार किया जाना है, वह साकार होता नहीं दिख रहा है।
दरअसल, प्राधिकरण एक ही स्थान पर एक बड़ी कॉलोनी विकसित करना चाह रहा है। इसमें फ्लैट तैयार होंगे, पार्क होंगे, अच्छी सड़कें होंगी। सुविधाजनक और खूबसूरत वातावरण को भी ध्यान में रखा जा रहा है। यही नहीं आवासीय कॉलोनी में रहने वालों को बाजार के लिए दूर न जाना पड़े, इसलिए वहीं मार्केट तैयार किए जाने की भी योजना है। इसके लिए प्राधिकरण एक ही स्थान पर करीब 25 एकड़ भूमि चाह रहा है। इतनी भूमि के एक हिस्से में आवासीय फ्लैट तैयार होंगे तो दूसरे हिस्से में बाजार। पिछले साल से ही जमीन की तलाश शुरू कर दी गई थी। लेकिन, ओडीए की जमीन की तलाश अभी खत्म नहीं हुई है।
चुर्खी रोड, मवाना और जालौन रोड पर जमीनें तो मिल रही हैं, लेकिन वह टुकड़ों में मिल रही हैं। इस वजह से प्राधिकरण का जो प्रोजेक्ट है, वह शुरू नहीं हो पा रहा है। जरूरत के सापेक्ष जमीन एक ही स्थान पर न मिलने से अब ओडीए दो भागों में 25 से 30 एकड़ भूमि तलाश रहा है।
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जेई विजय ने बताया कि टुकड़ों में भूमि मिल रही है, लेकिन उससे योजना साकार नहीं हो रही है। कोशिश की जा रही है कि 12 से 13 एकड़ भूमि के दो हिस्से भी अलग-अलग क्षेत्रों में मिल जाएं तो भी कुछ हद तक योजना को सफल करने की कोशिश की जा सकती है।
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इसमें वह फ्लैट तैयार कर बड़ी कॉलोनी और बाजार विकसित करना चाह रहे हैं, लेकिन इस योजना में टुकड़ों का पेंच फंस गया है। ओडीए को एक ही क्षेत्र में एक साथ 25 एकड़ भूमि नहीं मिल पा रही है। करीब तीन माह की दौड़ के बाद अलग-अलग जगहों के कुछ किसानों ने जमीन बेचने की बात कही है, लेकिन इससे जो रूप योजना का तैयार किया जाना है, वह साकार होता नहीं दिख रहा है।
दरअसल, प्राधिकरण एक ही स्थान पर एक बड़ी कॉलोनी विकसित करना चाह रहा है। इसमें फ्लैट तैयार होंगे, पार्क होंगे, अच्छी सड़कें होंगी। सुविधाजनक और खूबसूरत वातावरण को भी ध्यान में रखा जा रहा है। यही नहीं आवासीय कॉलोनी में रहने वालों को बाजार के लिए दूर न जाना पड़े, इसलिए वहीं मार्केट तैयार किए जाने की भी योजना है। इसके लिए प्राधिकरण एक ही स्थान पर करीब 25 एकड़ भूमि चाह रहा है। इतनी भूमि के एक हिस्से में आवासीय फ्लैट तैयार होंगे तो दूसरे हिस्से में बाजार। पिछले साल से ही जमीन की तलाश शुरू कर दी गई थी। लेकिन, ओडीए की जमीन की तलाश अभी खत्म नहीं हुई है।
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चुर्खी रोड, मवाना और जालौन रोड पर जमीनें तो मिल रही हैं, लेकिन वह टुकड़ों में मिल रही हैं। इस वजह से प्राधिकरण का जो प्रोजेक्ट है, वह शुरू नहीं हो पा रहा है। जरूरत के सापेक्ष जमीन एक ही स्थान पर न मिलने से अब ओडीए दो भागों में 25 से 30 एकड़ भूमि तलाश रहा है।
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जेई विजय ने बताया कि टुकड़ों में भूमि मिल रही है, लेकिन उससे योजना साकार नहीं हो रही है। कोशिश की जा रही है कि 12 से 13 एकड़ भूमि के दो हिस्से भी अलग-अलग क्षेत्रों में मिल जाएं तो भी कुछ हद तक योजना को सफल करने की कोशिश की जा सकती है।