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पीडी से रोया बिजली, पानी का रोना
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:21 PM IST
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चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते पीडी।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक ने ब्लाक के गांव मिझौना का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम में कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। कमियां मिलने पर उन्होंने दूर करने केे निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद पीडी ने गांव में चौपाल लगाई तो लोगों ने बिजली और पानी का रोना उनके सामने रोया। इस पर
उन्होंने अधीनस्थों को समस्या दूर करने के आदेश दिए। शुक्रवार को पीडी चित्रसेन ने मिझौना गांव जाकर विकास कार्यों की हकीकत परखी। इस दौरान विकास कार्यों को प्राथमिकता और तेजी से कराने के निर्देश दिए। इसके बाद गांव स्थित जूनियर हाईस्कूल परिसर में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने पीने के पानी की समस्या के
साथ बिजली किल्लत को प्रमुखता से रखा। ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर नीचे खिसकने से गांव में पानी का संकट है। लोगों को दूरदराज के इलाकों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। इस पर पीडी ने विभागीय अधिकारियों को खराब हैंडपंप रिबोर कराने के निर्देश दिए। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने हरिजन बस्ती में विद्युतीकरण कराए जाने की मांग की। उधर, पिछले
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दिनों की गई गांव अमखेड़ा में अपात्रों को लोहिया आवास दिए जाने की शिकायत डीएम संदीप कौर के निर्देश पर की गई जांच में गलत पाई गई। निरीक्षण में बीडीओ एमपी प्रबल, समाज कल्याण अधिकारी बसंत लाल, सचिव अंगद सिंह इत्यादि मौजूद रहे।
साहब पानी के लेते हैं पैसे
किसानों ने पीडी से शिकायत की कि गांव स्थित सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई के बदले किसानों से 300 रुपये प्रति बीघे के हिसाब से पानी का पैसा लिया जाता है। न देने पर फसलों को पानी नहीं दिया जाता। काफी समय से यह अवैध वसूली जारी है। इस पर पीडी ने जांच कराने तथा दोषी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में एक और सफाई कर्मी की तैनाती किए जाने की मांग की।
मृतक दिखा करा दी पेंशन बंद
चौपाल में 70 वर्षीय माधवराम ने शिकायत की कि अफसरों ने उन्हें मृतक दिखाकर पेंशन बंद करा दी। कई मर्तबा उसने तहसील दिवस से लेकर अफसरों की चौखट पर दस्तक दी लेकिन किसी ने एक न सुनी। पीडी ने तुरंत समाज कल्याण अधिकारी बसंत लाल को बुलाकर लताड़ा और समस्या दूर करने को कहा।
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उन्होंने अधीनस्थों को समस्या दूर करने के आदेश दिए। शुक्रवार को पीडी चित्रसेन ने मिझौना गांव जाकर विकास कार्यों की हकीकत परखी। इस दौरान विकास कार्यों को प्राथमिकता और तेजी से कराने के निर्देश दिए। इसके बाद गांव स्थित जूनियर हाईस्कूल परिसर में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने पीने के पानी की समस्या के
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साथ बिजली किल्लत को प्रमुखता से रखा। ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर नीचे खिसकने से गांव में पानी का संकट है। लोगों को दूरदराज के इलाकों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। इस पर पीडी ने विभागीय अधिकारियों को खराब हैंडपंप रिबोर कराने के निर्देश दिए। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने हरिजन बस्ती में विद्युतीकरण कराए जाने की मांग की। उधर, पिछले
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दिनों की गई गांव अमखेड़ा में अपात्रों को लोहिया आवास दिए जाने की शिकायत डीएम संदीप कौर के निर्देश पर की गई जांच में गलत पाई गई। निरीक्षण में बीडीओ एमपी प्रबल, समाज कल्याण अधिकारी बसंत लाल, सचिव अंगद सिंह इत्यादि मौजूद रहे।
साहब पानी के लेते हैं पैसे
किसानों ने पीडी से शिकायत की कि गांव स्थित सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई के बदले किसानों से 300 रुपये प्रति बीघे के हिसाब से पानी का पैसा लिया जाता है। न देने पर फसलों को पानी नहीं दिया जाता। काफी समय से यह अवैध वसूली जारी है। इस पर पीडी ने जांच कराने तथा दोषी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में एक और सफाई कर्मी की तैनाती किए जाने की मांग की।
मृतक दिखा करा दी पेंशन बंद
चौपाल में 70 वर्षीय माधवराम ने शिकायत की कि अफसरों ने उन्हें मृतक दिखाकर पेंशन बंद करा दी। कई मर्तबा उसने तहसील दिवस से लेकर अफसरों की चौखट पर दस्तक दी लेकिन किसी ने एक न सुनी। पीडी ने तुरंत समाज कल्याण अधिकारी बसंत लाल को बुलाकर लताड़ा और समस्या दूर करने को कहा।