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Jalaun News: पंचायत सहायिका ने सचिव पर लगाए आरोप
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सचिव ने आरोपों को बताया निराधार, कदौरा ब्लॉक क्षेत्र के एक गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
कदौरा। ब्लॉक क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायिका और ग्राम पंचायत अधिकारी के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कार्य में लापरवाही को लेकर जारी नोटिसों के बाद अब मामला आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। पंचायत सहायिका ने जहां ग्राम पंचायत अधिकारी पर प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं वहीं सचिव ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
ग्राम पंचायत में तैनात पंचायत सहायिका को ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेश चंद्र निषाद द्वारा 12 अगस्त 2025, 23 दिसंबर 2025 और 25 फरवरी 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। नोटिसों में प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थिति, फैमिली आईडी कार्य लंबित रखना, लंबे समय तक गैरहाजिर रहना, ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न करना व पंचायत भवन बंद मिलने जैसे आरोप हैं। इसके अलावा सीएससी सेवाएं संचालित न करने, निर्वाचन कार्यों में रुचि न लेने, ई-क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री में सहयोग न करने की बात भी कही गई है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन रोकने और पद रिक्त घोषित करने की चेतावनी दी गई है।
पंचायत सहायिका ने शनिवार को जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में ग्राम पंचायत अधिकारी पर आरोप लगाया कि वह शराब के नशे में पंचायत भवन आते हैं और गाली-गलौज करते हैं और विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। सहायिका का कहना है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
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ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेश चंद्र निषाद ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पंचायत सहायिका लगातार अपने दायित्वों में लापरवाही बरत रही हैं। कई बार नोटिस देने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। कार्रवाई से बचने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। खंड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में है और इसकी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कदौरा। ब्लॉक क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायिका और ग्राम पंचायत अधिकारी के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कार्य में लापरवाही को लेकर जारी नोटिसों के बाद अब मामला आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। पंचायत सहायिका ने जहां ग्राम पंचायत अधिकारी पर प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं वहीं सचिव ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
ग्राम पंचायत में तैनात पंचायत सहायिका को ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेश चंद्र निषाद द्वारा 12 अगस्त 2025, 23 दिसंबर 2025 और 25 फरवरी 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। नोटिसों में प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थिति, फैमिली आईडी कार्य लंबित रखना, लंबे समय तक गैरहाजिर रहना, ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न करना व पंचायत भवन बंद मिलने जैसे आरोप हैं। इसके अलावा सीएससी सेवाएं संचालित न करने, निर्वाचन कार्यों में रुचि न लेने, ई-क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री में सहयोग न करने की बात भी कही गई है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन रोकने और पद रिक्त घोषित करने की चेतावनी दी गई है।
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पंचायत सहायिका ने शनिवार को जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में ग्राम पंचायत अधिकारी पर आरोप लगाया कि वह शराब के नशे में पंचायत भवन आते हैं और गाली-गलौज करते हैं और विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। सहायिका का कहना है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
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ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेश चंद्र निषाद ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पंचायत सहायिका लगातार अपने दायित्वों में लापरवाही बरत रही हैं। कई बार नोटिस देने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। कार्रवाई से बचने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। खंड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में है और इसकी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।