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पचोखरा अब मेरा गांव, आता-जाता रहूंगा : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
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एट (जालौन) । कुछ धर्म विरोधी लोग हिंदुओं को जाति के नाम पर बांटने का काम कर रहे हैं। उनसे सावधान रहकर अपनी एकता बनाए रखना है। यह बात सोमवार को एट के पचोखरा में आयोजित पांच कुंडीय श्रीराम महायज्ञ में पधारे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कही। यह भी कहा कि पचोखरा अब मेरा गांव है, आना-जाना लगा रहेगा।
अमर शांति आश्रम में राजेश्वरानंद रामायणी की पुण्यतिथि पर चल रहे पांच कुंडीय श्रीराम महायज्ञ में सोमवार को पधारे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भक्तों को कथा का रसपान कराया। कहा कि यह भक्तों का प्रेम ही है जो उन्हें पचोखरा खींच लाया। कहा कि रामायणी जी साधारण संत नहीं थे, उनकी देश-विदेश में ख्याति थी। उनके प्रवचन सुनकर आज भी लोग जीवन धन्य मानते हैं। उन्होंने संत राजेश्वरानंद राजेश रामायणी की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
मंच पर पहुंचे तो महंत गुरु प्रसाद शर्मा ने शॉल श्रीफल व पुष्प माला से उनका वंदन किया। आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दर्शन पाने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने धीरेंद्र शास्त्री से मिलने की काफी कोशिश की, लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण आसपास भी नहीं पहुंच पाए।
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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर को देखने के लिए कई जिलों से लोग पचोखरा पहुंच गए। सुबह से ही पंडाल में भक्त आने शुरू हो गए। हर भक्त का यह प्रयास था कि वह महाराज के दर्शन करे। सुबह से देर शाम तक पंडाल में हजारों की संख्या में भीड़ जमा हो गई। उनके आगमन पर पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
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अमर शांति आश्रम में राजेश्वरानंद रामायणी की पुण्यतिथि पर चल रहे पांच कुंडीय श्रीराम महायज्ञ में सोमवार को पधारे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भक्तों को कथा का रसपान कराया। कहा कि यह भक्तों का प्रेम ही है जो उन्हें पचोखरा खींच लाया। कहा कि रामायणी जी साधारण संत नहीं थे, उनकी देश-विदेश में ख्याति थी। उनके प्रवचन सुनकर आज भी लोग जीवन धन्य मानते हैं। उन्होंने संत राजेश्वरानंद राजेश रामायणी की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
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मंच पर पहुंचे तो महंत गुरु प्रसाद शर्मा ने शॉल श्रीफल व पुष्प माला से उनका वंदन किया। आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दर्शन पाने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने धीरेंद्र शास्त्री से मिलने की काफी कोशिश की, लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण आसपास भी नहीं पहुंच पाए।
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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर को देखने के लिए कई जिलों से लोग पचोखरा पहुंच गए। सुबह से ही पंडाल में भक्त आने शुरू हो गए। हर भक्त का यह प्रयास था कि वह महाराज के दर्शन करे। सुबह से देर शाम तक पंडाल में हजारों की संख्या में भीड़ जमा हो गई। उनके आगमन पर पंडाल जयकारों से गूंज उठा।