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बीडीओ ने पशुपालकों के साथ बैठक, पशुओं को बांधने को कहा
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जालौन। बीडीओ महिमा विद्यार्थी ने छिरिया सलेमपुर की गोशाला का निरीक्षण कर अन्ना मवेशियों की समस्या पर पशुपालकों से चर्चा की। उन्होंने गोशाला कर्मियों को मवेशियों को गोशाला में ही बंद रखने के निर्देश दिए और कहा कि इस कार्य में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पशुपालकों को अपने पशु अन्ना न छोड़ने की हिदायत देते हुए कार्रवाई को चेताया।
बीडीओ महिमा विद्यार्थी ने गांव में बन रहे आवासों का भी सत्यापन किया। बीडीओ सबसे पहले गांव में स्थित अस्थायी गोशाला पहुंचीं और गोशाला में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश प्रधान व सचिव को दिए। कहा कि गोशाला में पशुओं के लिए चारे और पानी की नियमित व्यवस्था की जाए। साथ ही गांव के अन्ना पशुओं को अनिवार्य रूप से गोशाला में रखा जाए।
अन्ना समस्या को लेकर किसानों की शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए नहीं तो कार्रवाई होना तय है। ग्राम प्रधान ने बताया कि कुछ पशुपालक भी अपने पशुओं को अन्ना छोड़ देते हैं।
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इस पर उन्होंने गांव में पशुपालकों के साथ बैठक कर उन्हें सख्त हिदायत दी कि वह अपने पशुओं को बांधकर रखें। पशुओं को अन्ना कतई न छोड़ा जाए, क्योंकि उनके द्वारा पशुओं को अन्ना छोड़ने से किसान परेशान होते हैं और फसल को नुकसान पहुंचता है।
प्रधान को निर्देश दिए कि यदि इसके बाद भी कोई पशुपालक अपने पशुओं को अन्ना छोड़ता है तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं। अंत में बीडीओ ने गांव में बन रहे आवासों का भी भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता देखी। इस मौके पर प्रधान कामता प्रसाद, अरुण, कमलेश, अनिल कुमार, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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बीडीओ महिमा विद्यार्थी ने गांव में बन रहे आवासों का भी सत्यापन किया। बीडीओ सबसे पहले गांव में स्थित अस्थायी गोशाला पहुंचीं और गोशाला में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश प्रधान व सचिव को दिए। कहा कि गोशाला में पशुओं के लिए चारे और पानी की नियमित व्यवस्था की जाए। साथ ही गांव के अन्ना पशुओं को अनिवार्य रूप से गोशाला में रखा जाए।
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अन्ना समस्या को लेकर किसानों की शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए नहीं तो कार्रवाई होना तय है। ग्राम प्रधान ने बताया कि कुछ पशुपालक भी अपने पशुओं को अन्ना छोड़ देते हैं।
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इस पर उन्होंने गांव में पशुपालकों के साथ बैठक कर उन्हें सख्त हिदायत दी कि वह अपने पशुओं को बांधकर रखें। पशुओं को अन्ना कतई न छोड़ा जाए, क्योंकि उनके द्वारा पशुओं को अन्ना छोड़ने से किसान परेशान होते हैं और फसल को नुकसान पहुंचता है।
प्रधान को निर्देश दिए कि यदि इसके बाद भी कोई पशुपालक अपने पशुओं को अन्ना छोड़ता है तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं। अंत में बीडीओ ने गांव में बन रहे आवासों का भी भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता देखी। इस मौके पर प्रधान कामता प्रसाद, अरुण, कमलेश, अनिल कुमार, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।