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Jalaun News: दस्तावेजों में अजीत और आनंद नाम से फंसा एक तो दूसरे में भी किया फर्जीवाड़ा
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उरई। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में रविवार को दस्तावेजों में हेराफेरी कर परीक्षा देते दो युवकों को दबोचा गया है। इसमें एक जालौन के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र और दूसरा उरई के एल्ड्रिच पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया है। दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। एक युवक ने आनंद और अजीत नाम से हेराफेरी है तो दूसरे ने भी दस्तावेज से छेड़छाड़ की।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पकड़े गए युवक की पहचान प्रयागराज निवासी अजीत कुमार के रूप में हुई। जांच में पता चला कि अजीत ने 2023 में ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा आनंद कुमार के नाम से दी थी। उसने 2003 में आनंद कुमार नाम से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। 2016 में अपने असली नाम अजीत कुमार से फिर से हाईस्कूल पास किया, जिसका सर्टिफिकेट इस्तेमाल किया है।
एल्ड्रिच पब्लिक स्कूल में बिहार निवासी मनोज कुमार को पकड़ा गया। वह धर्मेंद्र कुमार के नाम से परीक्षा दे रहा था। धर्मेंद्र कुमार प्रयागराज का रहने वाला है। दोनों के दस्तावेजों और बायोमीट्रिक में गड़बड़ी मिली। पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि अजीत कुमार का बायोमीट्रिक और पहचान पत्र सही था, लेकिन पुराने रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि उसने अलग-अलग नामों से परीक्षाएं दी हैं। मनोज कुमार को भी फर्जी तरीके से परीक्षा देते पकड़ा गया। दोनों युवकों से पूछताछ जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पकड़े गए युवक की पहचान प्रयागराज निवासी अजीत कुमार के रूप में हुई। जांच में पता चला कि अजीत ने 2023 में ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा आनंद कुमार के नाम से दी थी। उसने 2003 में आनंद कुमार नाम से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। 2016 में अपने असली नाम अजीत कुमार से फिर से हाईस्कूल पास किया, जिसका सर्टिफिकेट इस्तेमाल किया है।
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एल्ड्रिच पब्लिक स्कूल में बिहार निवासी मनोज कुमार को पकड़ा गया। वह धर्मेंद्र कुमार के नाम से परीक्षा दे रहा था। धर्मेंद्र कुमार प्रयागराज का रहने वाला है। दोनों के दस्तावेजों और बायोमीट्रिक में गड़बड़ी मिली। पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि अजीत कुमार का बायोमीट्रिक और पहचान पत्र सही था, लेकिन पुराने रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि उसने अलग-अलग नामों से परीक्षाएं दी हैं। मनोज कुमार को भी फर्जी तरीके से परीक्षा देते पकड़ा गया। दोनों युवकों से पूछताछ जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
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