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मटर की खेती पर भी नोटबंदी की मार

Thu, 08 Dec 2016 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Thu, 08 Dec 2016 11:09 PM IST
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On the cultivation of pea down Notbandi
हरी मटर की तुड़ाई करते मजदूर। - फोटो : अमर उजाला

मुहम्मदाबाद (जालौन)। हरी मटर की फसल तैयार हो गई है लेकिन बाहर से आने वाले मटर फली खरीदने के लिए व्यापारी नोटबंदी से नहीं आ रहे हैं। इससे मटर की फली बाहर नहीं जा पा रही हैं। हरी मटर की पहली खेप में आने वाली मटर की कुछ किसान तुड़ाई भी कराने लगे हैं। इन दिनों मटर की पहली खेप की कीमत ठीकठाक होती है लेकिन किसानों के सामने नोटबंदी का संकट होने से वह अपनी फसल की पैदावार जैसे-तैसे उधार या कम दामों में जनपद के ही व्यापारियों को देने को मजबूर हैं। अक्टूबर के अंत में हरी मटर की बुवाई होती है और वह एक माह बाद तैयार हो जाती। जो किसान जितने जल्दी मटर की फली बाजार में बेचते हैं, उतना ही उन्हें मुनाफा होता है। यह बात किसान बृजेश राजपूत ने बताई। कहा कि इन दिनों अर्किल टर की पहली खेप की तुड़ाई होने लगी है। हालांकि नोटबंदी के चलते इस समय बाहर के व्यापारी कैश लेकर नहीं आ पा रहे हैं जिससे मटर की बिक्री ठीक से नहीं हो पा रही है और किसानों को नुकसान हो रहा है।

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बाहर के व्यापारियों के न आने से दिक्कत
किसान विक्रम सिंह बताते हैं कि उन्होंने पांच बीघा खेत में अर्किल मटर की बुवाई की थी। इसकी तुड़ाई होने लगी है लेकिन गैरप्रांत और जनपद से आने वाले व्यापारी मटर की खरीद करने नहीं आ रहे हैं। पहले किसानों के घर बैठे ही व्यापारी आ जाते थे और मटर नकद खरीद ले जाते थे लेकिन अब बाहर से व्यापारी न आने से हरी मटर उत्पादकों की दिक्कतें बढ़ गईं हैं।
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मटर तुड़ाई की मजदूरी भी नहीं निकल रही
किसान हीरालाल बताते हैं कि हरी मटर की तुड़ाई के लिए मजदूरी देने में भी मुश्किल पेश आ रही है। मजदूरों से एक दिन हरी मटर की फली तुड़वाने की कीमत 100 रुपये है। 20 से 25 मजदूरों को खेत पर ही उनकी मजदूरी देनी होती है। फुटकर की समस्या के चलते मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं दी जा पा रही है। इससे मटर की तुड़ाई भी खटाई में पड़ रही है।
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बाजार में मटर अधिक आने पर घट जाते भाव
किसान हाजी गफ्फार खां का कहना है कि बाजार में हरी मटर की पहली खेप चुटकियों में बिक जाती है। जैसे-जैसे बाजार में हरी मटर बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे उनके दाम घटते जाते हैं। इस समय बाजार में मटर की कीमत 40 रुपये प्रति किलो चल रही है। इसके बाजार में मटर आने पर यह कीमत और कम हो जाएगी।
 

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