फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Nurses' room open, the patients had to resort

नर्स कक्ष खुला, मरीजों को मिला सहारा

Sun, 23 Oct 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Sun, 23 Oct 2016 11:16 PM IST
विज्ञापन
Nurses' room open, the patients had to resort
नर्स स्टाफ कक्ष में काम करती नर्सें - फोटो : अमर उजाला
जिला महिला अस्पताल में हावी अव्यवस्थाओं को अमर उजाला ने मुद्दा बनाकार प्रकाशित किया तो अस्पताल प्रशासन भी नींद से जागा है। जिस नर्स स्टाफ कक्ष में एक दिन पहले तक ताला था वह रविवार को खुल गया। कक्ष को न केवल खोला गया बल्कि वहां नर्सों को ड्यूटी करने भेजा गया। ड्यूटी पर आई नर्सों ने भर्ती मरीजों की ड्रेसिंग की और पूरे समय मौजूद
विज्ञापन


रहीं। अचानक बदली व्यवस्था से मरीजों और उनके तीमारदारों ने राहत की सांस ली है। जिला महिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर उन्हें बेहतर उपचार देने की व्यवस्था है। खासकर प्रसूताओं के लिए तो अस्पताल में रुकना अनिवार्य भी है। शासन की मंशा के मुताबिक व्यवस्थाएं भी की गईं लेकिन उन पर अमल कम हो रहा था। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को
विज्ञापन


भी परेशान होना पड़ता था। अमर उजाला ने इसे मुद्दा बनाकर प्रमुखता से खबरें प्रकाशित कीं। इस पर अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया। रविवार को वार्ड एक, दो, तीन व चार के
विज्ञापन
विज्ञापन


लिए बना हर समय बंद रहने वाले नर्स स्टाफ कक्ष का ताला खोला गया। मरीजों की पट्टी की गई। पूरा रिकार्ड कक्ष में रखा गया। मरीजों को परेशानी होने पर नर्सों को बुलाने के लिए तीमारदारों को भागना नहीं पड़ा।  इसके पहले जननी सुरक्षा योजना के तहत भर्ती मरीजों को भोजन और दूध के साथ फल का इंतजाम भी खबर प्रकाशित होने के बाद ही किया गया था।

अमर उजाला की पहल लाई रंग
अस्पताल में भर्ती मरीज के तीमारदार बघौरा निवासी राजू, नया पाठक पुरा निवासी कमला, राजेंद्र नगर निवासी राकेश समेत मौजूद तीमारदारों ने कहा कि वह जब अपने मरीजों को लेकर यहां आए थे तब नर्स स्टाफ कक्ष में ताला लटका था। रविवार को अमर उजाला में खबर पढ़ी और फिर जब वार्ड में पहुंचे तो वहां पर सबकुछ बदला हुआ था। नर्सों के व्यवहार में भी बदलाव नजर आया। यह सब अमर उजाला की पहल का असर है, इसके लिए अमर उजाला को धन्यवाद।

यहां की लापरवाही से दो जान को खतरा
समाज सेवी यूसुफ अंसारी का कहना है कि जिला महिला अस्पताल में तो लापरवाही का मतलब एक नहीं दो जान को खतरा होता है। अस्पताल प्रशासन को चाहिए कि लापरवाह स्टाफ को चेतावनी दे और फिर भी न माने तो कार्रवाई होनी चाहिए। अमर उजाला ने बीते कुछ दिनों से अस्पताल की एक के बाद एक कई समस्याओं को उजागर किया, यह एक अच्छी पहल है।

जिला प्रशासन को देना चाहिए ध्यान
पूर्व सभासद देवेंद्र यादव ने कहा कि अमर उजाला ने जिस तरीके से जिला महिला अस्पताल की हकीकत बयां की उसे देखते हुए जिला प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। यहां पर वह मरीज अधिक संख्या में आते जिनके पास नर्सिंग होम में इलाज कराने के लिए पैसा नहीं होता है। अस्पताल प्रशासन मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ न होने दे।


बोले जिम्मेदार
अस्पताल में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का लगातार प्रयास रहता है। ओपीडी से लेकर लेबर रूम और ओटी कक्ष का निरीक्षण भी करते है मरीजों से भी बात करते है, और जहां पर सुधार की गुंजाइश हती है की जा रही है।-डा. सुनीता बनौधा, सीएमएस जिला महिला अस्पताल उरई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed