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Jalaun News: अब यूरिया पर भी संकट, पुलिस ने बंटवाई खाद
Fri, 27 Dec 2024 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Fri, 27 Dec 2024 11:56 PM IST
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कालपी। खाद के लिए किसान अभी भी लाइन में खड़े हैं, क्योंकि डीएपी के बाद अब यूरिया का भी संकट खडा हो गया है। उन्हें दो-दो घंटे लाइन में खडा होना पड़ रहा है।
बता दें कि बुआई के समय डीएपी की कमी थी, तब किसानों को एक-एक बोरी के लिए कई-कई दिनों तक भागदौड़ करनी पड़ी थी। इतना ही नहीं सब कुछ करने के बाद भी उन्हें पर्याप्त मात्रा में डीएपी नहीं मिली थी। जिससे किसानों के खेतों की बुआई भी देरी से हो पाई थी। किसानों ने सोचा था कि अब यूरिया के लिए उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा, लेकिन यह सोच गलत साबित हुई।
अब यूरिया के लिए भी मारामारी शुरू हो गई है। शासन ने यूरिया की कीमत 272 रुपये निर्धारित की है पर बाजार में यह साढे तीन सौ रुपये के हिसाब से बिक रही है। जिसके चलते किसान खाद को सहकारी संस्थाओं से खरीदते हैं और शायद इसी की वजह से पीसीएफ व महेवा साधन सहकारी समिति में खाद आते ही किसानों की भीड़ पहुंच जाती है।
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इसी के चलते शुक्रवार सुबह से ही यूरिया की बोरी पाने के लिए परिसर में किसानों का जमावड़ा शुरू हो। दस बजते-बजते वहां सैकड़ों की संख्या में किसान लाइन में खड़े हो गए थे, लाइन में आगे पीछे खड़े होने पर किसानों में विवाद भी शुरू हो गया। जिस पर सहकारी समिति के सचिव प्रदीप कुमार को पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद ही वितरण शुरू हो पाया। लेकिन किसानों की संख्या अधिक होने के चलते कई को बिना खाद के ही वापस लौटना पड़ा। सचिव के मुताबिक खाद की कमी नहीं है लेकिन किसान एक साथ आ जाते हैं। जिससे महज दो-दो बोरी खाद ही बांटी जा रही है।
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बता दें कि बुआई के समय डीएपी की कमी थी, तब किसानों को एक-एक बोरी के लिए कई-कई दिनों तक भागदौड़ करनी पड़ी थी। इतना ही नहीं सब कुछ करने के बाद भी उन्हें पर्याप्त मात्रा में डीएपी नहीं मिली थी। जिससे किसानों के खेतों की बुआई भी देरी से हो पाई थी। किसानों ने सोचा था कि अब यूरिया के लिए उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा, लेकिन यह सोच गलत साबित हुई।
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अब यूरिया के लिए भी मारामारी शुरू हो गई है। शासन ने यूरिया की कीमत 272 रुपये निर्धारित की है पर बाजार में यह साढे तीन सौ रुपये के हिसाब से बिक रही है। जिसके चलते किसान खाद को सहकारी संस्थाओं से खरीदते हैं और शायद इसी की वजह से पीसीएफ व महेवा साधन सहकारी समिति में खाद आते ही किसानों की भीड़ पहुंच जाती है।
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इसी के चलते शुक्रवार सुबह से ही यूरिया की बोरी पाने के लिए परिसर में किसानों का जमावड़ा शुरू हो। दस बजते-बजते वहां सैकड़ों की संख्या में किसान लाइन में खड़े हो गए थे, लाइन में आगे पीछे खड़े होने पर किसानों में विवाद भी शुरू हो गया। जिस पर सहकारी समिति के सचिव प्रदीप कुमार को पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद ही वितरण शुरू हो पाया। लेकिन किसानों की संख्या अधिक होने के चलते कई को बिना खाद के ही वापस लौटना पड़ा। सचिव के मुताबिक खाद की कमी नहीं है लेकिन किसान एक साथ आ जाते हैं। जिससे महज दो-दो बोरी खाद ही बांटी जा रही है।