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लापरवाही पर झल्लाए नोडल अफसर
अमर उजाला ब्यूरो, जालौन
Updated Mon, 27 Jun 2016 11:26 PM IST
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विकास भवन में अफसरों के साथ बैठक करते नोडल अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला स्तरीय अधिकारियों की लापरवाही सोमवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव और जिले के नोडल अफसर की समीक्षा बैठक में सामने आ गई। अधिकारी अपने विभाग का लेखा जोखा भी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं कर पाए। इससे निर्माण कार्यों और राजस्व वसूली की धीमी गति देख कर अफसर झल्ला गए। उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकारा और काम में सुधार लाने को कहा। बैठक के दौरान जल निगम के अधिशासी अभियंता और अर्थ एवं संख्याधिकारी पर भी खूब बरसे।
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एक दिवसीय दौरे पर आए शासन से नामित जिले के नोडल अफसर व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव डा. हरीओम ने विकास भवन में विकास कार्यो की समीक्षा की। जिसमें लोक निर्माण विभाग के कार्यों की गति धीमी मिली। इससे सरावन से बोहरा मार्ग, एट से कोटरा मार्ग, आटा से इटौरा मार्ग, जालौन से कोंच मार्ग के अलावा अन्य मार्गों पर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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इसके अलावा जालौन से उरई और मुहाना तक के फोरलेन के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने को कहा। आसरा योजना, कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल, माधौगढ़ तहसील को हैंडओवर न किए जाने से लेकर यूपीपीसीएल, सीएनडीएस के कार्यो के मामलों में कड़ी नाराजगी जताई। जल निगम की डकोर पेयजल परियोजना के अलावा कोंच, बरखेरा, बम्होरी कला, खकसीस समेत अन्य पेयजल परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट में गड़बड़ी देख उनका पारा चढ़ गया।
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उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह नंबर दो की खाता बही तो दुरुस्त रखते है लेकिन विभागीय खाता बही में लापरवाही दिखाते है। उधर, जल निगम के अधिशासी अभियंता सुखलाल नोेेडल अफसर के एक भी सवाल का सही जबाव नहीं दे पाए। इस पर उन्हें जमकर फटकार लगाई गई। डीएसटीओ को भी लापरवाही के लिए फटकार मिली।
बैठक में डीएम संदीप कौर, अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार, सीडीओ एसपी सिंह, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक चित्रसेन सिंह, उप कृषि निदेशक अनिल कुमार पाठक, डीएसटीओ वीके कुशवाहा, वीके गुप्ता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट पर आंख बंद कर विश्वास न करें
जिले के नोडल अफसर डा. हरीओम ने डीएम संदीप कौर को भी नसीहत दी और कहा कि जलनिगम की रिपोर्ट पर आंख बंद कर विश्वास न करे। हैंडपंप रिबोर का स्थलीय निरीक्षण कराएं। सूखा के तहत जो हैंडपंप रिबोर हुए है उनकी जांच पड़ताल कराएं। कहा कि ठेकेदारों की सूची और मशीनों के अलावा प्लंबर के नाम व मोबाइल नंबर सीडीओ दफ्तर में रखे जाएं।
राजस्व वसूली में भी लाएं तेजी
जिले के नोडल अफसर ने अधिकारियों को राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश भी दिए। कहा कि अब तक की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है। उन्होंने वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाने को कहा और आबकारी, खनिज, एआरटीओ, तहसील सहित अन्य विभागों को सुझाव दिए।