{"_id":"5ea1deae8ebc3e902a3e0128","slug":"no-pipeline-left-how-will-thirst-quench-orai-news-knp5567138120","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं बिछी पाइप लाइन, कैसे बुझेगी प्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं बिछी पाइप लाइन, कैसे बुझेगी प्यास
विज्ञापन
सरावन। गर्मी का मौसम शुरू होते ही गांव कस्बों में पानी का संकट भी नजर आने लगा है। कहीं ट्यूबवेल और टंकिया ठूंठ खड़ी हैं तो कहीं हैंडपंप जवाब दे रहे हैं।
माधौगढ़ ब्लाक के ग्राम पंचायत गोहनी में वर्ष 2016-17 में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ट्यूबवेल लगाया गया था। जिससे गोहनी, भंगा, गिरेंदेपुरा गांव के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना था। वर्तमान में ट्यूबवेल में बिजली कनेक्शन तो है पर अभी तक पूरी तरह से पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। जिस कारण लोगों को ट्यूबवेल का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
गांवों के निवासी संतोष कुमार, प्रधान प्रतिनिधि सरनाम सिंह, राजेश सिंह, भगवत सिंह, अमित सिंह, मुलायम सिंह, पुनीत भदौरिया, विनोद सिंह आदि का कहना है कि गर्मी शुरू होते ही भूगर्भ जलस्तर गिरने से क्षेत्र के हैंडपंप पानी छोड़ देते हैं। जिससे पानी का संकट बढ़ जाता है। इक्का दुक्का चलताऊ हैंडपंपों के आगे पूरे दिन बर्तनों की भीड़ लगी रहती है। अधूरी पाइप लाइन बिछाकर छोड़ दी गई, जिस कारण योजना को अभी तक रफ्तार नहीं मिल सकी है। इस संबंध में जेई जल संस्थान प्रशांत तिवारी का कहना है कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है। कार्य योजना बनाकर भेज दी गई है। जैसे ही पैसा आएगा, नई लाइन बिछाकर पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
माधौगढ़ ब्लाक के ग्राम पंचायत गोहनी में वर्ष 2016-17 में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ट्यूबवेल लगाया गया था। जिससे गोहनी, भंगा, गिरेंदेपुरा गांव के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना था। वर्तमान में ट्यूबवेल में बिजली कनेक्शन तो है पर अभी तक पूरी तरह से पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। जिस कारण लोगों को ट्यूबवेल का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
गांवों के निवासी संतोष कुमार, प्रधान प्रतिनिधि सरनाम सिंह, राजेश सिंह, भगवत सिंह, अमित सिंह, मुलायम सिंह, पुनीत भदौरिया, विनोद सिंह आदि का कहना है कि गर्मी शुरू होते ही भूगर्भ जलस्तर गिरने से क्षेत्र के हैंडपंप पानी छोड़ देते हैं। जिससे पानी का संकट बढ़ जाता है। इक्का दुक्का चलताऊ हैंडपंपों के आगे पूरे दिन बर्तनों की भीड़ लगी रहती है। अधूरी पाइप लाइन बिछाकर छोड़ दी गई, जिस कारण योजना को अभी तक रफ्तार नहीं मिल सकी है। इस संबंध में जेई जल संस्थान प्रशांत तिवारी का कहना है कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है। कार्य योजना बनाकर भेज दी गई है। जैसे ही पैसा आएगा, नई लाइन बिछाकर पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन