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एनएचएम संविदाकर्मी हड़ताल पर गए
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:05 PM IST
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सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देते एनएचएम संविदा कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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संगठन के प्रांतीय आवाहृन पर जिले के एनएचएम संविदाकर्मी मंगलवार से हड़ताल पर चले गए हैं। एनएचएम संविदा पर तैनात सभी डॉक्टर, नर्स से लेकर लैब टेक्नीशियन व फार्मेसिस्ट तक हड़ताल पर हैं। 500 से ज्यादा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। इन कर्मचारियों ने जल्द ही मांगें पूरी न होने पर नौ
सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं भी ठप करने की चेतावनी दी है। अगर ऐसा हुआ तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा जाएंगी। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ द्वारा सोमवार को लखनऊ के मेला ग्राउंड में प्रदर्शन किया गया था और कई पदाधिकारी वहां पर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को जिले के भी
एनएचएम संविदा कर्मी हड़ताल पर चले गए और उन्होंने सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना दिया। संघ के जिलाध्यक्ष अश्विनी पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से पूर्व में उनकी मांगों के बावत दिए गए आश्वासन कोरे साबित हुए। इसके चलते आज एनएचएम कर्मी एकजुट होकर हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस बार भी सरकार न चेती और कोई
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निर्णय न लिया तो नौ सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं भी ठप कर दी जाएंगी। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदेश सरकार को हमारी मांगों को हर कीमत पर पूरा करना पड़ेगा
क्योंकि प्रदेश सरकार को ढाई लाख परिवारों के आक्रोश का सामना करना मुश्किल हो जाएगा। अगर इमरजेंसी सेवाएं ठप हुईं तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा जाएगी। धरने में नीरज कुमार राठौर, हेमंत कुमार, हरी सिंह, अरुण चतुर्वेदी, हेमलता तिवारी, रागिनी गुप्ता, अनंत प्रकाश, अखिलेश, पुष्पलता, विनय पाल, डॉ. कल्पना, हृदेश, पवन कुमार आदि रहे।
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सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं भी ठप करने की चेतावनी दी है। अगर ऐसा हुआ तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा जाएंगी। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ द्वारा सोमवार को लखनऊ के मेला ग्राउंड में प्रदर्शन किया गया था और कई पदाधिकारी वहां पर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को जिले के भी
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एनएचएम संविदा कर्मी हड़ताल पर चले गए और उन्होंने सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना दिया। संघ के जिलाध्यक्ष अश्विनी पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से पूर्व में उनकी मांगों के बावत दिए गए आश्वासन कोरे साबित हुए। इसके चलते आज एनएचएम कर्मी एकजुट होकर हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस बार भी सरकार न चेती और कोई
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निर्णय न लिया तो नौ सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं भी ठप कर दी जाएंगी। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदेश सरकार को हमारी मांगों को हर कीमत पर पूरा करना पड़ेगा
क्योंकि प्रदेश सरकार को ढाई लाख परिवारों के आक्रोश का सामना करना मुश्किल हो जाएगा। अगर इमरजेंसी सेवाएं ठप हुईं तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा जाएगी। धरने में नीरज कुमार राठौर, हेमंत कुमार, हरी सिंह, अरुण चतुर्वेदी, हेमलता तिवारी, रागिनी गुप्ता, अनंत प्रकाश, अखिलेश, पुष्पलता, विनय पाल, डॉ. कल्पना, हृदेश, पवन कुमार आदि रहे।