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भांजे ने मामा को कुल्हाड़ी मार बेरहमी से हत्या की
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मृतक के दरवाजे खड़े लोग
- फोटो : ORAI
कालपी (जालौन)। कोतवाली क्षेत्र में महेबा ब्लॉक के हरकूपुर गांव में सिरफिरे भांजे ने छत पर सो रहे अपने मामा को कुल्हाड़ी से काट डाला। जिससे मामा की मौके पर ही मौत हो गई। जब तक घर के बाकी लोगों को जानकारी होती, तब तक वह फरार हो गया। पुलिस ने दोपहर में उसे जोल्हूपुर मोड़ से पकड़ लिया। सीओ राहुल पांडे का कहना है कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का है, उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं बताई जा रही है। भतीजे मुकेश पाल की तहरीर पर करन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कालपी कोतवाली क्षेत्र के हरकूपुर गांव में मोहर सिंह पुत्र रामभरोसे (72) के मकान पर ही कुछ समय पूर्व उनके बहनोई सुखराम निवासी ग्राम अतरौली थाना रेढ़र का भी परिवार आकर रहने लगा था। सुखराम का बेटा करन सिंह (30) आपराधिक प्रवृत्ति का है, वह भी मोहरसिंह के साथ ही रहता था। शनिवार सुबह नीचे सो रहे घरवालों को अचानक छत से मोहर सिंह की चीख सुनाई दी तो छत की तरफ दौड़े, वहां पर लहूलुहान हालत में मोहर सिंह पड़ा देख सभी के होश उड़ गए। पास ही करन खून से सराबोर कुल्हाड़ी लिए खड़ा था। घरवालों को देखते वह छत से कूदकर भाग निकला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी और मोहर सिंह को लेकर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कुल्हाड़ी के जख्म सिर, गर्दन और पेट पर भी थे। सूचना पाकर पुलिस भी पहुंच गई और आरोपी की तलाश में जुट गई। दोपहर के वक्त करन मय कुल्हाड़ी के साथ पुलिस को जोल्हूपुर मोड़ पर मिल भी गया। जबकि बताते हैं कि वह खुद चौकी गया था। उसे पकड़कर कोतवाली लाया गया तो वह चीखने चिल्लाने लगा। सीओ का कहना है कि फिलहाल आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। परिजनों ने बताया कि उसका ग्वालियर में इलाज भी चल रहा है। सीओ के मुताबिक मोहर की शादी नहीं हुई थी, इसलिए वह बहनोई के परिवार को रखे था। हो सकता है कि रुपयों या फिर मकान का विवाद हो सकता है। फिलहाल पूछताछ की जा रही है। परिवार की ओर से कोई तहरीर भी नहीं मिली है।
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हत्या के मामले में जमानत पर छूटा था
पुलिस के मुताबिक करन की मानसिक स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2013 में उसने एमपी के भिंड जिले में सड़क चलते एक राहगीर की ईंट से कुचलकर हत्या कर दी थी। काफी समय बाद पकड़े जाने पर उसे जेल भेजा गया था। 12 फरवरी को उसी मामले की जमानत पर वह एमपी की जेल से छूटकर आया था। जेल में भी उसके दिमाग का इलाज चल रहा था।
मामा ने बेटे की तरह पाला था
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि मोहर सिंह भांजे करन को अपने बेटे की तरह ही मानता था। उसी के साथ खाना खाता और सोता था। इतना ही नहीं जेल से जमानत भी कराकर मोहर ही लाया था। करन को नींद की गोलियां खाने की आदत थी। किसी को क्या पता था कि एक दिन वही भांजा अपने पिता समान मामा का हत्यारा भी बन जाएगा। करन भी अविवाहित है।
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कालपी कोतवाली क्षेत्र के हरकूपुर गांव में मोहर सिंह पुत्र रामभरोसे (72) के मकान पर ही कुछ समय पूर्व उनके बहनोई सुखराम निवासी ग्राम अतरौली थाना रेढ़र का भी परिवार आकर रहने लगा था। सुखराम का बेटा करन सिंह (30) आपराधिक प्रवृत्ति का है, वह भी मोहरसिंह के साथ ही रहता था। शनिवार सुबह नीचे सो रहे घरवालों को अचानक छत से मोहर सिंह की चीख सुनाई दी तो छत की तरफ दौड़े, वहां पर लहूलुहान हालत में मोहर सिंह पड़ा देख सभी के होश उड़ गए। पास ही करन खून से सराबोर कुल्हाड़ी लिए खड़ा था। घरवालों को देखते वह छत से कूदकर भाग निकला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी और मोहर सिंह को लेकर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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कुल्हाड़ी के जख्म सिर, गर्दन और पेट पर भी थे। सूचना पाकर पुलिस भी पहुंच गई और आरोपी की तलाश में जुट गई। दोपहर के वक्त करन मय कुल्हाड़ी के साथ पुलिस को जोल्हूपुर मोड़ पर मिल भी गया। जबकि बताते हैं कि वह खुद चौकी गया था। उसे पकड़कर कोतवाली लाया गया तो वह चीखने चिल्लाने लगा। सीओ का कहना है कि फिलहाल आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। परिजनों ने बताया कि उसका ग्वालियर में इलाज भी चल रहा है। सीओ के मुताबिक मोहर की शादी नहीं हुई थी, इसलिए वह बहनोई के परिवार को रखे था। हो सकता है कि रुपयों या फिर मकान का विवाद हो सकता है। फिलहाल पूछताछ की जा रही है। परिवार की ओर से कोई तहरीर भी नहीं मिली है।
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हत्या के मामले में जमानत पर छूटा था
पुलिस के मुताबिक करन की मानसिक स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2013 में उसने एमपी के भिंड जिले में सड़क चलते एक राहगीर की ईंट से कुचलकर हत्या कर दी थी। काफी समय बाद पकड़े जाने पर उसे जेल भेजा गया था। 12 फरवरी को उसी मामले की जमानत पर वह एमपी की जेल से छूटकर आया था। जेल में भी उसके दिमाग का इलाज चल रहा था।
मामा ने बेटे की तरह पाला था
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि मोहर सिंह भांजे करन को अपने बेटे की तरह ही मानता था। उसी के साथ खाना खाता और सोता था। इतना ही नहीं जेल से जमानत भी कराकर मोहर ही लाया था। करन को नींद की गोलियां खाने की आदत थी। किसी को क्या पता था कि एक दिन वही भांजा अपने पिता समान मामा का हत्यारा भी बन जाएगा। करन भी अविवाहित है।

मृतक मोहर सिंह की फाइल फोटो- फोटो : ORAI

घटनास्थल पर पड़ा खून- फोटो : ORAI