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मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, हर ओर गूंजा मां का जयकारा
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
Updated Wed, 14 Oct 2015 12:45 AM IST
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नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां के शैल पुत्री स्वरूप की आराधना की। सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मां के जयकारों से पूरे दिन मंदिरों के आसपास का समूचा माहौल गूंजता रहा। विधि विधान से पूजा अर्चना कर भक्तों ने परिवार की समृद्धि की कामना की।
नवरात्र पर मंदिरों में भव्य श्रृंगार किया गया। रात में भजन-कीर्तन व जागरण का आयोजन किया गया। मंदिर को आधुनिक बल्बों से सजाया गया। शहर के हुल्की माता मंदिर, संकटा माता मंदिर, लक्ष्मी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, काली देवी मंदिर, शीतला माता मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
शाम के समय शहर में कई स्थानों पर पंडाल सजाए गए और फिर पूरी श्रद्दा के साथ नौ दिन के लिए देवी मां की स्थापना की गई। भक्तों ने भक्ति भाव में सराबोर होकर जयकारे लगाए। पं. शिवदास गौतम और पंडित गौरव जी महाराज के अनुसार सबसे पहले मां ब्रह्मचारिणी को कुमकुम, हल्दी व वस्त्रों को समर्पित करें।
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इसके बाद जल जमीन पर छोड़कर आचमन करें। इसके बाद उन्हें दूध, दही आदि से पंचोपचार विधि से स्नान कराएं। इसके उपरांत अबीर, गुलाल आदि से तिलक करें। धूपदीप दिखाने के बाद भोग लगाएं। इसके बाद इलायची, लौंग, सुपाड़ी आदि रखकर पान चढ़ाएं। लौंग और कपूर रखकर आरती करें।
मां ब्रह्मचारिणी का पूजन करने का सबसे उत्तम समय सूर्योदय के पहले व सूर्योदय के बाद का एक घंटे का समय है।
कालपी प्रतिनिधि के मुताबिक में शारदीय नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में मां के जयकारे के साथ भक्तों ने पूजा अर्चना की। जगह-जगह भजन-कीर्तन का कार्यक्रम हो रहा है।
कालपी के वनखंडी देवी मंदिर के अलावा रामजानकी मंदिर, मां दुर्गाम्बा पीठ, आनंदी देवी मंदिर, लडै़ती देवी मंदिर, काली देवी मंदिर, फूला देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दुर्गाम्बापीठ में भक्तों ने महा आरती कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कस्बे के मेन बाजार कदौरा ब्लाक फाटक रोड, तरीबुल्दा, रामलीला मैदान, रामचबूरता, सदर बाजार, बजरिया, स्टेशन रोड में स्थापित देवी पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं ने महिलाओं, बच्चों व भक्तों ने पहुंचकर पूजा अर्चना की।
कोंच प्रतिनिधि के मुताबिक नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में भीड़ उमड़ी। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की यहां नगर में तीन दर्जन से अधिक दुर्गा पंडालों में प्रतिष्ठापना कराई गई। माता की आरती में सैकड़ों की संख्या में श्रद्घालु उपस्थित रहे।
विभिन्न देवी मंदिरों में भी सुबह से ही भीड़ उमड़ी रही। नगर के प्रमुख मंदिरों मां सिंह वाहिनी, बड़ी माता, नारायणपुरी, धनुताल स्थित मां काली, बोदरी माता, शीतला माता आदि मंदिरों में सुबह से ही दर्शन पूजन शुरू हो गया।
नईबस्ती स्थित सिद्घेश्वर महादेव मंदिर के पाश्र्व में पंचमुखी मां गायत्री जागरण मंच द्वारा आचार्य पं. रामसिया तिवारी के निर्देशन में अनुष्ठान संपादित हो रहे हैं। जागरण मंच के कार्यकर्ता अनिल रिछारिया, नितेश अग्रवाल, मोंटू गुप्ता, पवन अग्रवाल आदि जागरण में शामिल रहे।
सर्राफा बाजार में बाजार कमेटी द्वारा मां काली की रौद्रमुख प्रतिमा स्थापित की गई है जहां श्रद्घालुओं की भीड़ दर्शनों के लिए उमड़ रही है।
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नवरात्र पर मंदिरों में भव्य श्रृंगार किया गया। रात में भजन-कीर्तन व जागरण का आयोजन किया गया। मंदिर को आधुनिक बल्बों से सजाया गया। शहर के हुल्की माता मंदिर, संकटा माता मंदिर, लक्ष्मी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, काली देवी मंदिर, शीतला माता मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
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शाम के समय शहर में कई स्थानों पर पंडाल सजाए गए और फिर पूरी श्रद्दा के साथ नौ दिन के लिए देवी मां की स्थापना की गई। भक्तों ने भक्ति भाव में सराबोर होकर जयकारे लगाए। पं. शिवदास गौतम और पंडित गौरव जी महाराज के अनुसार सबसे पहले मां ब्रह्मचारिणी को कुमकुम, हल्दी व वस्त्रों को समर्पित करें।
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इसके बाद जल जमीन पर छोड़कर आचमन करें। इसके बाद उन्हें दूध, दही आदि से पंचोपचार विधि से स्नान कराएं। इसके उपरांत अबीर, गुलाल आदि से तिलक करें। धूपदीप दिखाने के बाद भोग लगाएं। इसके बाद इलायची, लौंग, सुपाड़ी आदि रखकर पान चढ़ाएं। लौंग और कपूर रखकर आरती करें।
मां ब्रह्मचारिणी का पूजन करने का सबसे उत्तम समय सूर्योदय के पहले व सूर्योदय के बाद का एक घंटे का समय है।
कालपी प्रतिनिधि के मुताबिक में शारदीय नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में मां के जयकारे के साथ भक्तों ने पूजा अर्चना की। जगह-जगह भजन-कीर्तन का कार्यक्रम हो रहा है।
कालपी के वनखंडी देवी मंदिर के अलावा रामजानकी मंदिर, मां दुर्गाम्बा पीठ, आनंदी देवी मंदिर, लडै़ती देवी मंदिर, काली देवी मंदिर, फूला देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दुर्गाम्बापीठ में भक्तों ने महा आरती कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कस्बे के मेन बाजार कदौरा ब्लाक फाटक रोड, तरीबुल्दा, रामलीला मैदान, रामचबूरता, सदर बाजार, बजरिया, स्टेशन रोड में स्थापित देवी पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं ने महिलाओं, बच्चों व भक्तों ने पहुंचकर पूजा अर्चना की।
कोंच प्रतिनिधि के मुताबिक नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में भीड़ उमड़ी। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की यहां नगर में तीन दर्जन से अधिक दुर्गा पंडालों में प्रतिष्ठापना कराई गई। माता की आरती में सैकड़ों की संख्या में श्रद्घालु उपस्थित रहे।
विभिन्न देवी मंदिरों में भी सुबह से ही भीड़ उमड़ी रही। नगर के प्रमुख मंदिरों मां सिंह वाहिनी, बड़ी माता, नारायणपुरी, धनुताल स्थित मां काली, बोदरी माता, शीतला माता आदि मंदिरों में सुबह से ही दर्शन पूजन शुरू हो गया।
नईबस्ती स्थित सिद्घेश्वर महादेव मंदिर के पाश्र्व में पंचमुखी मां गायत्री जागरण मंच द्वारा आचार्य पं. रामसिया तिवारी के निर्देशन में अनुष्ठान संपादित हो रहे हैं। जागरण मंच के कार्यकर्ता अनिल रिछारिया, नितेश अग्रवाल, मोंटू गुप्ता, पवन अग्रवाल आदि जागरण में शामिल रहे।
सर्राफा बाजार में बाजार कमेटी द्वारा मां काली की रौद्रमुख प्रतिमा स्थापित की गई है जहां श्रद्घालुओं की भीड़ दर्शनों के लिए उमड़ रही है।