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Jalaun News: मां और दोनों बेटियों का एक साथ अंतिम संस्कार, देवर की नहीं गई बरात
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फोटो - 01 दाढ़ी गांव पहुंचे आरती के मायके पक्ष के लोग। संवाद
कोंच। दाढ़ी गांव में देवर की शादी के एक दिन पहले महिला ने दो बेटियों के साथ खुद को आग लगाकर मौत को गले लगा लिया। इससे पूरा परिवार सन्न है। मंगलवार को दरोगा देवर की बरात नहीं गई। वहीं, सोमवार देर शाम मां और दोनों बेटियों के अंतिम संस्कार एक साथ दिया गया। घटना को 24 घंटे बीत जाने के बाद भी मौत की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी है। फिलहाल पुलिस शुरुआती जांच में पारिवारिक कलह को प्रमुख कारण मान रही है।
देवेंद्र कुमार की पत्नी आरती ने सोमवार की सुबह कमरे का दरवाजा बंद कर दोनों मासूम बेटियों पीहू (07) व दृष्टि (03) समेत आग लगा ली थी। आरती व पीहू की सीएचसी पहुंचते ही मौत हो गई थी, जबकि दृष्टि की गंभीर हालत होने पर उसे झांसी रेफर कर दिया गया था। रास्ते में दृष्टि की भी मौत हो गई थी।
सोमवार की देर शाम पोस्टमार्टम के बाद आरती का अंतिम संस्कार उसके पति देवेंद्र ने किया, जबकि दोनों बच्चियों को परंपरा अनुसार दफनाया गया। मंगलवार को जिस धूमधाम से छोटे देवर जितेंद्र सिंह की बरात बरेली जानी थी, वह भी इस त्रासदी के बाद रद्द कर दी गई। जितेंद्र और उसकी होने वाली दुल्हन दोनों ही उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक हैं।
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परिवार में कई दिनों से शादी की तैयारियां चल रही थीं। आरती अपने बच्चों के साथ सास-ससुर के साथ रहती थी। उसका पति देवेंद्र बलिया में पानीपुरी बेचकर परिवार चलाता है, जबकि उसके दोनों देवर पवन और जितेंद्र उपनिरीक्षक हैं। घर में 17 नवंबर की सुबह तक सभी शादी की तैयारियों में लगे थे। इसी बीच देवेंद्र और अन्य रिश्तेदार भोजन के लिए सब्जी लेने गए थे तभी आरती ने बड़ी बेटी पीहू को दादी के कमरे से उठाया और छोटी बेटी समेत कमरे में जाकर आग लगा ली।
मायके वालों ने किया हंगामा, ससुराल पर लगाया हत्या का आरोप
कोंच। मंगलवार सुबह आरती व दोनों बेटियों के अंतिम संस्कार कर देने की जानकारी जैसे ही मायके पक्ष डकोर के मुहाना गांव के लोगों को हुई तो वह दाढ़ी पहुंच गए। बिना सूचना के ही अंतिम संस्कार कर देने व हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो उन्होंने समझाने का प्रयास किया, तो गुस्साए परिजन पुलिस से भी अभद्रता करने लगे। बाद में किसी तरह उन्हें समझाया गया। पुलिस घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। विशेष तौर पर उस समय के फुटेज देखे जा रहे हैं जब देवेंद्र शादी के लिए घर आया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी प्रकार का विवाद तो नहीं हुआ था। (संवाद)
बरेली में थे बड़े इंतजाम, लेकिन सूचना ने बदल दिया माहौल
जितेंद्र की बरात बरेली के लिए निकलनी थी। जिस परिवार में उसकी शादी तय हुई थी, वह भी सम्मानित और शिक्षित हैं। दुल्हन दरोगा के पद पर तैनात है, जिस वजह से बरेली में शादी को लेकर बड़े स्तर पर व्यवस्था की गई थी। लेकिन सोमवार को दोपहर घटना की सूचना बरेली पहुंची तो वहां तैयारियां मातम में बदल गईं। रिश्तेदारों, पड़ोसियों और मेहमानों में सन्नाटा पसर गया।
घर की जिम्मेदारी निभाने वाली आरती ही थी परिवार की धुरी
आरती के पति देवेंद्र व्यापार के सिलसिले में बलिया में रहते हैं। दोनों देवर भी बाहर नौकरी करते हैं। ऐसे में घर में सास-ससुर के साथ रहने वाली आरती ही पूरे घर की जिम्मेदारी संभालती थी। बताया गया कि शादी के बाद से ही घर की देखभाल, भोजन, खर्चे और पैसों का पूरा हिसाब-किताब आरती ही देखती थी। परिवार के लोग बताते हैं कि आरती घर की मालकिन’ की तरह हर जिम्मेदारी खुद उठाती थी।
पीहू से था पिता देवेंद्र को सबसे ज्यादा लगाव
देवेंद्र अपनी बड़ी बेटी पीहू से बेहद प्यार करता था। घर पर फोन करते समय वह सबसे पहले पीहू के बारे में ही पूछता था। दीपावली पर घर आने पर उसने अपनी बेटी की पढ़ाई में सुविधा और स्कूल छोड़ने के लिए अपने पिता घनश्याम के नाम नई स्कूटी खरीदकर दी थी। देवेंद्र का सपना था कि पीहू पढ़-लिखकर आगे बढ़े और परिवार का नाम रोशन करे। लेकिन सोमवार की घटना ने उसका पूरा संसार उजाड़ दिया।
अभी तक किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। जैसे ही तहरीर आती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस जांच में लगी हुई है।
परमेश्वर प्रसाद, सीओ कोंच
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देवेंद्र कुमार की पत्नी आरती ने सोमवार की सुबह कमरे का दरवाजा बंद कर दोनों मासूम बेटियों पीहू (07) व दृष्टि (03) समेत आग लगा ली थी। आरती व पीहू की सीएचसी पहुंचते ही मौत हो गई थी, जबकि दृष्टि की गंभीर हालत होने पर उसे झांसी रेफर कर दिया गया था। रास्ते में दृष्टि की भी मौत हो गई थी।
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सोमवार की देर शाम पोस्टमार्टम के बाद आरती का अंतिम संस्कार उसके पति देवेंद्र ने किया, जबकि दोनों बच्चियों को परंपरा अनुसार दफनाया गया। मंगलवार को जिस धूमधाम से छोटे देवर जितेंद्र सिंह की बरात बरेली जानी थी, वह भी इस त्रासदी के बाद रद्द कर दी गई। जितेंद्र और उसकी होने वाली दुल्हन दोनों ही उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक हैं।
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परिवार में कई दिनों से शादी की तैयारियां चल रही थीं। आरती अपने बच्चों के साथ सास-ससुर के साथ रहती थी। उसका पति देवेंद्र बलिया में पानीपुरी बेचकर परिवार चलाता है, जबकि उसके दोनों देवर पवन और जितेंद्र उपनिरीक्षक हैं। घर में 17 नवंबर की सुबह तक सभी शादी की तैयारियों में लगे थे। इसी बीच देवेंद्र और अन्य रिश्तेदार भोजन के लिए सब्जी लेने गए थे तभी आरती ने बड़ी बेटी पीहू को दादी के कमरे से उठाया और छोटी बेटी समेत कमरे में जाकर आग लगा ली।
मायके वालों ने किया हंगामा, ससुराल पर लगाया हत्या का आरोप
कोंच। मंगलवार सुबह आरती व दोनों बेटियों के अंतिम संस्कार कर देने की जानकारी जैसे ही मायके पक्ष डकोर के मुहाना गांव के लोगों को हुई तो वह दाढ़ी पहुंच गए। बिना सूचना के ही अंतिम संस्कार कर देने व हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो उन्होंने समझाने का प्रयास किया, तो गुस्साए परिजन पुलिस से भी अभद्रता करने लगे। बाद में किसी तरह उन्हें समझाया गया। पुलिस घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। विशेष तौर पर उस समय के फुटेज देखे जा रहे हैं जब देवेंद्र शादी के लिए घर आया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी प्रकार का विवाद तो नहीं हुआ था। (संवाद)
बरेली में थे बड़े इंतजाम, लेकिन सूचना ने बदल दिया माहौल
जितेंद्र की बरात बरेली के लिए निकलनी थी। जिस परिवार में उसकी शादी तय हुई थी, वह भी सम्मानित और शिक्षित हैं। दुल्हन दरोगा के पद पर तैनात है, जिस वजह से बरेली में शादी को लेकर बड़े स्तर पर व्यवस्था की गई थी। लेकिन सोमवार को दोपहर घटना की सूचना बरेली पहुंची तो वहां तैयारियां मातम में बदल गईं। रिश्तेदारों, पड़ोसियों और मेहमानों में सन्नाटा पसर गया।
घर की जिम्मेदारी निभाने वाली आरती ही थी परिवार की धुरी
आरती के पति देवेंद्र व्यापार के सिलसिले में बलिया में रहते हैं। दोनों देवर भी बाहर नौकरी करते हैं। ऐसे में घर में सास-ससुर के साथ रहने वाली आरती ही पूरे घर की जिम्मेदारी संभालती थी। बताया गया कि शादी के बाद से ही घर की देखभाल, भोजन, खर्चे और पैसों का पूरा हिसाब-किताब आरती ही देखती थी। परिवार के लोग बताते हैं कि आरती घर की मालकिन’ की तरह हर जिम्मेदारी खुद उठाती थी।
पीहू से था पिता देवेंद्र को सबसे ज्यादा लगाव
देवेंद्र अपनी बड़ी बेटी पीहू से बेहद प्यार करता था। घर पर फोन करते समय वह सबसे पहले पीहू के बारे में ही पूछता था। दीपावली पर घर आने पर उसने अपनी बेटी की पढ़ाई में सुविधा और स्कूल छोड़ने के लिए अपने पिता घनश्याम के नाम नई स्कूटी खरीदकर दी थी। देवेंद्र का सपना था कि पीहू पढ़-लिखकर आगे बढ़े और परिवार का नाम रोशन करे। लेकिन सोमवार की घटना ने उसका पूरा संसार उजाड़ दिया।
अभी तक किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। जैसे ही तहरीर आती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस जांच में लगी हुई है।
परमेश्वर प्रसाद, सीओ कोंच

फोटो - 01 दाढ़ी गांव पहुंचे आरती के मायके पक्ष के लोग। संवाद

फोटो - 01 दाढ़ी गांव पहुंचे आरती के मायके पक्ष के लोग। संवाद