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पारा लुढ़का, आम जनजीवन प्रभावित
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Tue, 22 Dec 2015 11:23 PM IST
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दिनोंदिन तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पारा लुढ़कने से रेल व सड़क
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यातायात से लेकर व्यापार व आम जनजीवन तक बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सबसे ज्यादा प्रभाव उन बेसहारा व गरीबों पर पड़ रहा है, जिनकी अभी तक
प्रशासन ने सुध नहीं ली है। अभी तक उनके लिए अलाव के भी इंतजाम नहीं किए गए
हैं।
कई दिनों से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। 19 दिसंबर को अधिकतम तापमान 21 डिग्री व न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस रहा। 20 दिसंबर को यह घटकर अधिकतम 20.4 डिग्री व न्यूनतम 11.9 डिग्री दर्ज किया गया। 21 दिसंबर को इसमें और भी गिरावट हुई और अधिकतम तापमान 20 डिग्री व न्यूनतम 11 रह गया। मंगलवार को इसमें सबसे ज्यादा
गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान तेजी से घटकर 6.5 डिग्री रह गया। जबकि अधिकतम तापमान 19 डिग्री पर आ गया। मौसम विशेषज्ञ पुरुषोत्तम के अनुसार आने वाले दिनों में इसी तरह और भी गिरावट दर्ज की जाएगी।
मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण आम जनजीवन पर प्रभाव पड़ रहा है। ट्रेनें घंटों देरी से आ रही हैं। कोहरे के
कारण सड़क यातायात भी बाधित है। सूरज ढलते ही सर्दी ने सर्दी का प्रकोप बढ़ना शुरू हो गया है। रात नौ बजे के बाद कोहरे की सफेद चादर शहर के बाहरी इलाकों में देखी जा रही है। इससे व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बाजारों में भी आम दिनों की अपेक्षा सन्नाटा है। इस कड़ाके की सर्दी में भी प्रशासन ने गरीबों की सुध नहीं ली है। प्रशासन की
लापरवाही का आलम यह है कि बजट मिले एक महीना बीत गया। अभी तक गरीबो ंके लिए न ही कंबल खरीदे जा सके और न ही उनके लिए अलाव की व्यवस्था की जा सकी। इससे भीषण सर्दी में गरीबों को कोई सहारा नहीं मिल पा रहा है। किसी तरह स्टेशन व बस स्टैंडों पर गरीब व असहाय लोग रातें काटने को मजबूर हैं। नगर पालिका द्वारा जरूरी शहर में
अलाव जलाने का दावा किया जा रहा है, पर हकीकत के धरातल पर यह कहीं दिखाई नहीं दे रहा। यहां तक कि बस स्टैंडों व स्टेशन पर भी अलाव की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गरीब व बेसहारा लोग कैसे सर्दी से बचाव करेंगे? इसकी परवाह प्रशासन को नहीं है।
मरीजों का खास ख्याल रखें
सर्दी के मौसम में हृदय रोगी, दमा, सांस, अस्थमा, डायबिटीज, ब्लडप्रेशर आदि रोगों के मरीज ज्यादा प्रभावित होते हैं, ऐसे में इन्हें विशेष सावधानी बरतनी होगी। होम्योपैथिक डा. जया बाजपेई निगम का कहना है कि सर्दी के मौसम में इन रोगों के मरीज खानपान पर विशेष ध्यान दें। तेल की चीजें कम से कम मात्रा में खाएं। सर्दी से बचाव से विशेष इंतजाम करें। शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर ही बाहर निकले।
कई दिनों से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। 19 दिसंबर को अधिकतम तापमान 21 डिग्री व न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस रहा। 20 दिसंबर को यह घटकर अधिकतम 20.4 डिग्री व न्यूनतम 11.9 डिग्री दर्ज किया गया। 21 दिसंबर को इसमें और भी गिरावट हुई और अधिकतम तापमान 20 डिग्री व न्यूनतम 11 रह गया। मंगलवार को इसमें सबसे ज्यादा
गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान तेजी से घटकर 6.5 डिग्री रह गया। जबकि अधिकतम तापमान 19 डिग्री पर आ गया। मौसम विशेषज्ञ पुरुषोत्तम के अनुसार आने वाले दिनों में इसी तरह और भी गिरावट दर्ज की जाएगी।
मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण आम जनजीवन पर प्रभाव पड़ रहा है। ट्रेनें घंटों देरी से आ रही हैं। कोहरे के
कारण सड़क यातायात भी बाधित है। सूरज ढलते ही सर्दी ने सर्दी का प्रकोप बढ़ना शुरू हो गया है। रात नौ बजे के बाद कोहरे की सफेद चादर शहर के बाहरी इलाकों में देखी जा रही है। इससे व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बाजारों में भी आम दिनों की अपेक्षा सन्नाटा है। इस कड़ाके की सर्दी में भी प्रशासन ने गरीबों की सुध नहीं ली है। प्रशासन की
लापरवाही का आलम यह है कि बजट मिले एक महीना बीत गया। अभी तक गरीबो ंके लिए न ही कंबल खरीदे जा सके और न ही उनके लिए अलाव की व्यवस्था की जा सकी। इससे भीषण सर्दी में गरीबों को कोई सहारा नहीं मिल पा रहा है। किसी तरह स्टेशन व बस स्टैंडों पर गरीब व असहाय लोग रातें काटने को मजबूर हैं। नगर पालिका द्वारा जरूरी शहर में
अलाव जलाने का दावा किया जा रहा है, पर हकीकत के धरातल पर यह कहीं दिखाई नहीं दे रहा। यहां तक कि बस स्टैंडों व स्टेशन पर भी अलाव की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गरीब व बेसहारा लोग कैसे सर्दी से बचाव करेंगे? इसकी परवाह प्रशासन को नहीं है।
मरीजों का खास ख्याल रखें
सर्दी के मौसम में हृदय रोगी, दमा, सांस, अस्थमा, डायबिटीज, ब्लडप्रेशर आदि रोगों के मरीज ज्यादा प्रभावित होते हैं, ऐसे में इन्हें विशेष सावधानी बरतनी होगी। होम्योपैथिक डा. जया बाजपेई निगम का कहना है कि सर्दी के मौसम में इन रोगों के मरीज खानपान पर विशेष ध्यान दें। तेल की चीजें कम से कम मात्रा में खाएं। सर्दी से बचाव से विशेष इंतजाम करें। शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर ही बाहर निकले।