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यूक्रेन में फंसे जिले के कई छात्र, घरवाले चिंतित

Thu, 24 Feb 2022 11:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 11:56 PM IST
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meical students in ukraine, gurdain are in  embressment
जालौन/एट। रूस और यूक्रेन में जारी घमासान के बीच जिले से यूक्रेन पढ़ने गए कई छात्रों के परिजन खासे परेशान हैं। टीवी पर युद्ध के हालात पर नजर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि युद्धग्रस्त देश में फंसे उनके बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ सकुशल वापसी हो।
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जालौन के मोहल्ला नारोभास्कर निवासी स्कूल संचालक शैलेंद्र श्रीवास्तव की बेटी आकृति यूक्रेन के कीव शहर स्थित बोगोमोलेट्स नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। बताया कि गुरुवार की सुबह बेटी का फोन आया था। जिसमें उन्होंने तीन बार धमाकों की आवाज सुनी। तभी से वह परिजनों सहित बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि आकृति 29 जनवरी को यूक्रेन गई थी।
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जालौन के बंगरा रोड निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकुमार गुप्ता का बड़ा बेटा विकास गुप्ता भी यूक्रेन के नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। देश में रूसी हमले की बात सुनकर परिवार भी काफी परेशान है। उनका कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ जाएगा। नहीं तो बेटे को पहले ही वापस बुला लेते। बेटे को लेकर मां मीरा गुप्ता भी परेशान है।
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नगर के मोहल्ला रापटगंज निवासी शिक्षक राघवेंद्र सिंह यादव की पुत्री छाया यादव यूक्रेन के विनीस्थीया में एमबीबीएस की छात्रा है। पिता राघवेंद्र सिंह बताते हैं पुत्री की इच्छा पूरी करने के लिए उसे यूक्रेन भेज दिया। रूस ने युद्ध छेड़ दिया है उन्हें बेटी की चिंता सता रही है। बच्चों से कोई संपर्क टूटे इससे पहले सरकार किसी भी तरह उन्हें देश वापस ले आए।
एमएलबी इंटर कालेज के संचालक भूपेश बाथम का पुत्र आशीष कीनिया स्थित सिम्फेरोपूल में एमबीबीएस का छात्र है। ह चाहते हैं हालात बद से बदतर हो जाएं, इससे पहले उनका पुत्र वापस घर आ जाए। मां आशा ने सरकार से मांग की है कि उनके पुत्र समेत जो भी छात्र रूस या यूक्रेन में फंसे हैं उन्हें वापस भारत लाया जाए।

एट कस्बा निवासी किसान सुधीर दीक्षित के दो बेटे अक्षत व आर्यन यूक्रेन के कीव में एमबीबीएस करने गए थे। यूक्रेन और रूस में तनाव देखते हुए उन्होंने अपने दोनो बेटों को 22 फरवरी को घर बुला लिया था। अब वह घर पर आंखों के सामने है। जब स्थिति नियंत्रण में होगी तभी वापस पढ़ाई करने जाएंगे।
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