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Jalaun News: 33 लाख से बने एमआरएफ सेंटर की मशीन खराब, सड़कों पर कूड़ा
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उरई। 33 लाख रुपये से बने एमआरएफ सेंटर की दो मशीन खराब होने से कचरा खुले में फेंका जा रहा है। करीब 15 दिन से यही हाल है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
रामकुंड पार्क के पीछे एमआरएफ सेंटर बना हुआ है। इसकी लागत करीब 33 लाख है। इसमें 15 से 20 दिन पहले तो कचरे के अलग अलग किया जाता था। कर्मचारी काम कर रहे थे, लेकिन जैसे ही मशीन खराब हुई तो कर्मचारी भी खानापूरी करने लगे हैं। सुबह शाम की ड्यूटी की जगह एक समय की ड्यूटी कर्मचारी निभा रहे हैं। बैठे बैठे ही काम करके चले जाते हैं। सेंटर में जो कचरा पहुंच रहा है। इसमें से अधिकतर खुले में फेंक दिया जा रहा है, बाकी खानापूरी के लिए सेंटर पहुंचाया जा रहा है।
बता दें कि एमआरएफ सेंटर में कई प्रकार के मशीन लगी हुई हैं, जिसके माध्यम से सूखा कचरा को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उपयोगी और गैर उपयोगी सामानों को अलग-अलग किया जाता है। शहर के अंदर रोजाना 55 से 56 टन कचरा निकलता है। इसमें से सिर्फ एक से दो क्विंटल सेंटर तक पहुंच पाता है।
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नगर पालिका के ईओ राम अचल कुरील का कहना है कि मशीन खराब होने की जानकारी नहीं है। अगर खराब है तो उसको सही किया जाएगा। काम चालू होगा।
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रामकुंड पार्क के पीछे एमआरएफ सेंटर बना हुआ है। इसकी लागत करीब 33 लाख है। इसमें 15 से 20 दिन पहले तो कचरे के अलग अलग किया जाता था। कर्मचारी काम कर रहे थे, लेकिन जैसे ही मशीन खराब हुई तो कर्मचारी भी खानापूरी करने लगे हैं। सुबह शाम की ड्यूटी की जगह एक समय की ड्यूटी कर्मचारी निभा रहे हैं। बैठे बैठे ही काम करके चले जाते हैं। सेंटर में जो कचरा पहुंच रहा है। इसमें से अधिकतर खुले में फेंक दिया जा रहा है, बाकी खानापूरी के लिए सेंटर पहुंचाया जा रहा है।
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बता दें कि एमआरएफ सेंटर में कई प्रकार के मशीन लगी हुई हैं, जिसके माध्यम से सूखा कचरा को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उपयोगी और गैर उपयोगी सामानों को अलग-अलग किया जाता है। शहर के अंदर रोजाना 55 से 56 टन कचरा निकलता है। इसमें से सिर्फ एक से दो क्विंटल सेंटर तक पहुंच पाता है।
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नगर पालिका के ईओ राम अचल कुरील का कहना है कि मशीन खराब होने की जानकारी नहीं है। अगर खराब है तो उसको सही किया जाएगा। काम चालू होगा।