{"_id":"59a7049e4f1c1b14278b4877","slug":"like-a-feeling-of-feeling-lord-murat-looked-like","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी
अमर उजाला जालाौन
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:01 AM IST
विज्ञापन
कत्थक पर कृष्णकथा की प्रस्तुति
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोंच। महान सनातनी पर्व राधाष्टमी के अवसर पर नगर निवासी डॉ. दिनेश उदैनिया की ओर से अपने पिता स्व. ओमप्रकाश उदैनिया की पुण्य स्मृति में यहां श्रीनृसिंह मंदिर में कथक पर राम-कृष्ण और शिव कथाओं का दो दिवसीय आयोजन किया गया। इसमें कथक कलाकार अयोध्याशरण ने अपनी कला से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
भगवान श्रीनृसिंह का पूजन अर्चन करने के बाद कलाकारों ने बेजोड़ प्रस्तुतियां देकर खूब वाहवाही लूटी। प्रस्तुति में मूलत कथा का विषय जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी पर मंडली के मुख्य कलाकार अयोध्याशरण मिश्र ने नृत्य और गायन के तालमेल की बेहद खूबसूरत जुगलबंदी की। राम नाम अति मीठा है तथा वृंदावन जाने को जी चाहता है के माध्यम से कलाकार ने भक्तिरस की गंगा बहाई। उन्होंने भक्त और भगवान के प्रेम संबंधों को राम और हनुमान के माध्यम से दर्शाने का प्रयास किया। कलाकार ने भगवान राम और कृष्ण लीलाओं का बहुत ही सुंदर चित्रण किया। अगली प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण की उदारता को बड़ी ही सुघड़ता से चित्रित किया गया। उन्होंने शिव और शक्ति को लेकर भी उम्दा भजन सुनाया। ऑर्गन पर मृत्युंजय मिश्रा, तबले पर हरिनाथ मिश्रा संगत कर रहे थे। डॉ. दिनेश उदैनिया ने आभार जताया। इस दौरान देवेन्द्रकुमार द्विवेदी, वीरेन्द्र बहरे, अमिता उदैनिया, मनोज नगाइच, डॉ. नीता रेजा, राजीव रेजा, नरसिंह बुंदेला, अखिलेश बबेले, महेशशंकर लोहिया, कृष्णपाल सिंह जादौन, महेश तिवारी, शैलू ठाकुर, चंद्रशेखर लोहिया, रामस्वरूप त्रिपाठी, रामविहारी गुप्ता, निखिल रजक, कन्हैया रजक, पवन अग्रवाल, कुलदीप याज्ञिक आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
भगवान श्रीनृसिंह का पूजन अर्चन करने के बाद कलाकारों ने बेजोड़ प्रस्तुतियां देकर खूब वाहवाही लूटी। प्रस्तुति में मूलत कथा का विषय जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी पर मंडली के मुख्य कलाकार अयोध्याशरण मिश्र ने नृत्य और गायन के तालमेल की बेहद खूबसूरत जुगलबंदी की। राम नाम अति मीठा है तथा वृंदावन जाने को जी चाहता है के माध्यम से कलाकार ने भक्तिरस की गंगा बहाई। उन्होंने भक्त और भगवान के प्रेम संबंधों को राम और हनुमान के माध्यम से दर्शाने का प्रयास किया। कलाकार ने भगवान राम और कृष्ण लीलाओं का बहुत ही सुंदर चित्रण किया। अगली प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण की उदारता को बड़ी ही सुघड़ता से चित्रित किया गया। उन्होंने शिव और शक्ति को लेकर भी उम्दा भजन सुनाया। ऑर्गन पर मृत्युंजय मिश्रा, तबले पर हरिनाथ मिश्रा संगत कर रहे थे। डॉ. दिनेश उदैनिया ने आभार जताया। इस दौरान देवेन्द्रकुमार द्विवेदी, वीरेन्द्र बहरे, अमिता उदैनिया, मनोज नगाइच, डॉ. नीता रेजा, राजीव रेजा, नरसिंह बुंदेला, अखिलेश बबेले, महेशशंकर लोहिया, कृष्णपाल सिंह जादौन, महेश तिवारी, शैलू ठाकुर, चंद्रशेखर लोहिया, रामस्वरूप त्रिपाठी, रामविहारी गुप्ता, निखिल रजक, कन्हैया रजक, पवन अग्रवाल, कुलदीप याज्ञिक आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन