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भाई की हत्या में दो को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 14 Feb 2017 10:33 PM IST
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प्रतीकात्मक
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हत्या के आरोप में मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सगे भाई समेत दो आरोपियों पर दोष सिद्ध हो जाने पर उन्हें उम्रकैद व 30-30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोटरा थाना के गांव सिकरी व्यास निवासी जंगी पुत्र रामभरोसे की हत्या तीन मई 2013 को हत्या कर दी गई थी। 15 दिन बाद उसका शव जंगल में मिला था। मृतक की पत्नी सोना देवी ने 19 मई को
कोटरा थाने में पति की हत्या का अभियोग दर्ज अपने जेठ रमेश व उसके साथी गांव के ही नरेंद्र के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में बताया था कि उसका जेठ उस पर गलत निगाह रखता था। वह उसके साथ गलत काम करने का प्रयास भी कर चुका था। यह बात उसने अपने पति जंगी को बताई तो उसने रमेश का विरोध किया। इसी को लेकर रमेश
उससे रंजिश रखने लगा और उसकी हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया। करीब 15 दिन बाद पुलिस को जंगी का शव सिकरी व्यास के जंगलों में मिला। सोना ने मृतक के जूते व बेल्ट से उसकी पहचान की। इसमें डीएनए टेस्ट भी कराया गया, जो जंगी के पिता रामभरोसे से मेल खा गया। इस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। इस मामले
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की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज नरेंद्र कुमार तृतीय की अदालत में चल रहा था। मंगलवार को जज ने दोनाें पक्षाें के वकीलाें की बहस सुनने के बाद आरोपी रमेश व नरेंद्र के खिलाफ दोष सिद्ध हो जाने पर उसे उम्रकैद व 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी अधिवक्ता मोतीलाल पाल ने की।
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कोटरा थाने में पति की हत्या का अभियोग दर्ज अपने जेठ रमेश व उसके साथी गांव के ही नरेंद्र के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में बताया था कि उसका जेठ उस पर गलत निगाह रखता था। वह उसके साथ गलत काम करने का प्रयास भी कर चुका था। यह बात उसने अपने पति जंगी को बताई तो उसने रमेश का विरोध किया। इसी को लेकर रमेश
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उससे रंजिश रखने लगा और उसकी हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया। करीब 15 दिन बाद पुलिस को जंगी का शव सिकरी व्यास के जंगलों में मिला। सोना ने मृतक के जूते व बेल्ट से उसकी पहचान की। इसमें डीएनए टेस्ट भी कराया गया, जो जंगी के पिता रामभरोसे से मेल खा गया। इस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। इस मामले
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की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज नरेंद्र कुमार तृतीय की अदालत में चल रहा था। मंगलवार को जज ने दोनाें पक्षाें के वकीलाें की बहस सुनने के बाद आरोपी रमेश व नरेंद्र के खिलाफ दोष सिद्ध हो जाने पर उसे उम्रकैद व 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी अधिवक्ता मोतीलाल पाल ने की।