{"_id":"6a4aa100d00f42b06a0e7ddd","slug":"letter-viral-on-social-media-accuses-co-of-extortion-orai-news-c-224-1-ori1005-146397-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: सोशल मीडिया पर वायरल पत्र में सीओ पर वसूली का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: सोशल मीडिया पर वायरल पत्र में सीओ पर वसूली का आरोप
विज्ञापन
उरई। सदर क्षेत्राधिकारी पर बालू परिवहन के दौरान कथित वसूली के आरोपों से जुड़ा एक शिकायती पत्र इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पत्र में एक ट्रांसपोर्टर ने चेकिंग के दौरान कार्रवाई से बचाने के नाम पर 50 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। हालांकि संबंधित अधिकारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
वायरल हो रहे पत्र में स्वयं को लखनऊ निवासी ट्रांसपोर्टर बताते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि करीब एक माह पूर्व डकोर क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान उसके डंपर चालक को रोक लिया गया था। पत्र के अनुसार एक सिपाही ने चालक से कहा कि कार्रवाई से बचना है तो वाहन में मौजूद अधिकारी को 50 हजार रुपये देने होंगे। शिकायतकर्ता का दावा है कि भारी जुर्माने के डर से चालक ने उक्त राशि दे दी थी।
सोशल मीडिया पर पत्र वायरल होने के बाद मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि पत्र की प्रामाणिकता और उसमें लगाए गए आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन
इस संबंध में सीओ सदर राजीव कुमार शर्मा का कहना है कि वह नियमित चेकिंग अभियान के तहत मौके पर गए थे। उन्होंने किसी भी प्रकार की धनराशि लेने या वसूली करने के आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया।
विज्ञापन
वायरल हो रहे पत्र में स्वयं को लखनऊ निवासी ट्रांसपोर्टर बताते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि करीब एक माह पूर्व डकोर क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान उसके डंपर चालक को रोक लिया गया था। पत्र के अनुसार एक सिपाही ने चालक से कहा कि कार्रवाई से बचना है तो वाहन में मौजूद अधिकारी को 50 हजार रुपये देने होंगे। शिकायतकर्ता का दावा है कि भारी जुर्माने के डर से चालक ने उक्त राशि दे दी थी।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर पत्र वायरल होने के बाद मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि पत्र की प्रामाणिकता और उसमें लगाए गए आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन
इस संबंध में सीओ सदर राजीव कुमार शर्मा का कहना है कि वह नियमित चेकिंग अभियान के तहत मौके पर गए थे। उन्होंने किसी भी प्रकार की धनराशि लेने या वसूली करने के आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया।