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धरे रह गए निर्वाचन आयोग के नियम कायदे

Sun, 18 Oct 2015 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
अमर उजाला ब्यूरो जालौन Updated Sun, 18 Oct 2015 12:58 AM IST
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Lay left Election Commission rules
पहाड़गांव जिला पंचायत क्षेत्र के बसोब गांव में बूथ संख्या 129 पर राज्य निर्वाचन आयोग के सारे नियम कायदे धरे रह गए। यहां बूथ पर फर्जी मतदान को लेकर पूरे समय गहमा गहमी रही। दोपहर बाद तो हालात चैलेंज वोट के बन गए। वोटर ने चैलेंज वोट करने के लिए कहा तो पीठासीन अधिकारी के होश उड़ गए।
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 मामले से तत्काल सेक्टर मजिस्ट्रेट को अवगत कराया गया। आखिर में पीठासीन अधिकारी ने नियमों से हटकर जुगाड़ का रास्ता तलाश कर वोटर को खुश करने के लिए किसी दूसरे नाम की महिला का वोट डलवा दिया। इस घटना क्रम का वहां पर एक प्रत्याशी के एजेंट ने विरोध किया लेकिन उसकी एक न चली।
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बसोब गांव के एक क्षेत्र से कोंच के एक नेता व पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि विज्ञान सिरौठिया का बेटा चुनाव मैदान में था तो दूसरी ओर युवा संगठन की ओर से प्रत्याशी मैदान में था। इस लिहाज से इस क्षेत्र को पहले से ही अतिसंवेदनशील माना जा रहा था। शनिवार को जब मतदान शुरू हुआ तो सबकी निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हुई थी।
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 प्रशासन के आला अफसर भी गांव पहुंचे। आला अधिकारियों के जाते ही गहमा गहमी का दौर शुरू हो गया। दोपहर एक बजे के बाद बूथ संख्या 129 पर शकीना वोट डालने गई तो पीठासीन अधिकारी सुरेश कुमार ने उसे यह कहकर बूथ से टरका दिया कि उसका वोट तो डल चुका है।


 इस पर शकीना ने सफाई दी और कहा वह अभी घर का काम काज निपटा कर आ रही है। पीठासीन अधिकारी कोई बात सुनने को तैयार न हुए तो एक प्रत्याशी के एजेंट ने विरोध किया। बाद में महिला ने कहा कि उसका चैलेंज वोट डलवाया जाए।


चैलेंज वोट की बात सामने आते ही पीठासीन अधिकारी सकपका गए। उन्होंने फौरन सेक्टर मजिस्ट्रेट से बात की तो उन्होंने बताया कि वह दूर है मामले को अपने स्तर से निपटा लें। पीठीसीन अधिकारी ने शकीना का वोट किसी दूसरे नाम की महिला के नाम पर डलवा दिया।



इस पर एजेंट नीरज पटेल ने विरोध किया। अधिकारियों पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया। इस पूरे मामले के दौरान सवाल यह उठा कि जब महिला ने वोट डाला ही नहीं था तो फिर उसके नाम से वोट कैसे डल गया? कहीं बूथ पर फर्जी मतदान तो नहीं हुआ।
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