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तीस हजारी कोर्ट कांड के विरोध में न्यायिक कार्यों से विरत रहे अधिवक्ता

Tue, 05 Nov 2019 01:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2019 01:06 AM IST
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Lawyers boycott work on Delhi case
जालौन में एसडीएम को ज्ञापन देते अधिवक्ता - फोटो : ORAI
उरई/जालौन। तीस हजारी कोर्ट दिल्ली में पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं पर किए गए लाठीचार्ज, गोली चलाने एवं अभद्रता के विरोध में जिला बारसंघ के तत्वावधान में अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। इसके बाद अधिवक्ताओं ने बैठक कर 8 नवंबर को न्यायिक कार्यों से विरत रहने और डीएम को ज्ञापन देने का निर्णय लिया।
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बारसंघ अध्यक्ष नरसिंह दास गुप्ता, सचिव सुधीर कुमार मिश्रा लाजपत राय सक्सेना, देवेंद्र वेद, युसुफ इश्तियाक, रतनदीप तिवारी, रुद्रदत्त मिश्रा, कामेंद्र श्रीवास्तव, संजीव तिवारी, मृदुल दुबे, संजीव दीक्षित, अमित परिहार ने आरोपित पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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जालौन प्रतिनिधि के मुताबिक, तीस हजारी कोर्ट में हुई घटना के विरोध में बुंदेलखंड बार एसोसिएशन के तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला को सौंपकर बताया कि दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में हुई घटना हादसे के बाद से अधिवक्ता समाज में खासा नाराज है।
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अधिवक्ताओं ने आरोपित पुलिस कर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने एवं पीड़ित अधिवक्ताओं को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। साथ ही अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट की भी मांग की गई। इस दौरान एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अधिवक्ता सतीश दुबे, सचिव चंद्रकिशोर दुबे, उमेश दीक्षित, जयप्रकाश, सलीम बेग, मनोज गुप्ता, अंकुर राजावत, राघवेंद्र चतुर्वेदी, मिथुन चतुर्वेदी, धर्मेंद्र दुबे, संजय अवस्थी आदि मौजूद रहे।
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