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ट्रेन से उतरे, बसों से घरों को भेजे गए मजदूर
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ट्रेन से उतरे, बसों से घरों को भेजे गए मजदूर
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से प्रवासी मजदूरों को लेकर तीन श्रमिक स्शेपल ट्रेनें गुरुवार को उरई स्टेशन पर आई। इन तीनों ट्रेनों से जालौन के अलावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, औरैया जनपदों के करीब चार सौ प्रवासी कामगार आए। जिनकी थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें रोडवेज बसों से गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।
आंध्र प्रदेश के घाटकेशर से चली ट्रेन गुरुवार की सुबह तीन बजे उरई स्टेशन आई। इसमें 45 बच्चों समेत 223 यात्री आए। इसके बाद दूसरी ट्रेन अमरावती (महाराष्ट्र) से देवरिया के लिए स्पेशल ट्रेन गुरुवार की सुबह साढ़े नौै बजे के स्थान पर नौ घंटे की देरी से करीब साढ़े छह बजे आई। इस ट्रेन में 13 बच्चों समेत 69 यात्री आए। अहमदाबाद से रायबरेली जाने वाली श्रमिक स्पेशल साढ़े दस घंटे देरी से आई। इस ट्रेन को सुबह सवा आठ बजे आना था लेकिन यह शाम सात बजे उरई स्टेशन आई। इस ट्रेन से 16 बच्चों समेत सौ प्रवासी कामगार उतरे। इन सभी की रेलवे स्टेशन पर ही थर्मल स्क्रीनिंग की। इसके बाद एआरएम रोडवेज केएन चौधरी की मौजूदगी में सभी 15 बसों से गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। चित्रकूट के विनोद पांडेय, बांदा के सोनू ने बताया कि वे अमरावती में कपड़ा कंपनी में काम करते थे। लॉकडाउन में कंपनी में तालाबंदी हो गई। ऐसे में घर जाना ही मुनासिब समझा। औरैया के रमाकांत, माधौगढ़ के आयुष मिश्रा ने बताया कि वे अहमदाबाद की दवा कंपनी में काम करते थे। उन्होंने बताया कि अब वे वापस नहीं जाएंगे। यहीं काम तलाशेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से प्रवासी मजदूरों को लेकर तीन श्रमिक स्शेपल ट्रेनें गुरुवार को उरई स्टेशन पर आई। इन तीनों ट्रेनों से जालौन के अलावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, औरैया जनपदों के करीब चार सौ प्रवासी कामगार आए। जिनकी थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें रोडवेज बसों से गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।
आंध्र प्रदेश के घाटकेशर से चली ट्रेन गुरुवार की सुबह तीन बजे उरई स्टेशन आई। इसमें 45 बच्चों समेत 223 यात्री आए। इसके बाद दूसरी ट्रेन अमरावती (महाराष्ट्र) से देवरिया के लिए स्पेशल ट्रेन गुरुवार की सुबह साढ़े नौै बजे के स्थान पर नौ घंटे की देरी से करीब साढ़े छह बजे आई। इस ट्रेन में 13 बच्चों समेत 69 यात्री आए। अहमदाबाद से रायबरेली जाने वाली श्रमिक स्पेशल साढ़े दस घंटे देरी से आई। इस ट्रेन को सुबह सवा आठ बजे आना था लेकिन यह शाम सात बजे उरई स्टेशन आई। इस ट्रेन से 16 बच्चों समेत सौ प्रवासी कामगार उतरे। इन सभी की रेलवे स्टेशन पर ही थर्मल स्क्रीनिंग की। इसके बाद एआरएम रोडवेज केएन चौधरी की मौजूदगी में सभी 15 बसों से गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। चित्रकूट के विनोद पांडेय, बांदा के सोनू ने बताया कि वे अमरावती में कपड़ा कंपनी में काम करते थे। लॉकडाउन में कंपनी में तालाबंदी हो गई। ऐसे में घर जाना ही मुनासिब समझा। औरैया के रमाकांत, माधौगढ़ के आयुष मिश्रा ने बताया कि वे अहमदाबाद की दवा कंपनी में काम करते थे। उन्होंने बताया कि अब वे वापस नहीं जाएंगे। यहीं काम तलाशेंगे।
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