फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Kusmilia's Thai Apple Plum wows everyone

Jalaun News: कुसमिलिया के थाई एप्पल बेर ने सबको लुभाया

Fri, 10 Mar 2023 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Fri, 10 Mar 2023 12:22 AM IST
विज्ञापन
Kusmilia's Thai Apple Plum wows everyone
मुहम्मदाबाद। एक शिक्षित युवक ने लीक से हटकर कुछ करने की ठानी तो उसकी आर्थिक स्थिति तो सुधरने के साथ सम्मान भी मिल रहा है। बीएड करने के बाद उसने अपनी आजीविका के लिए पुश्तैनी साधन खेती को ही अपनाया, लेकिन थोड़े से बदलाव के साथ। उसने परंपरागत तरीके से खेती न करके बेर का बाग लगवा दिया। अब बेरों से लाखों रुपये की आमदनी हो रही है। हाल में उसने झांसी में 25-26 फरवरी को मंडल स्तरीय प्रदर्शनी में थाई एप्पल बेर का स्टाल लगाया था। उसमें उसे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
विज्ञापन

डकोर क्षेत्र के कुसमिलिया गांव निवासी गीतेश राजपूत ने बीएड तक की शिक्षा हासिल की है। पर उन्होंने खेती में ही कुछ नया करने की योजना बनाई। इसमें उन्होंने पारंपरिक खेती छोड़ पुश्तैनी आठ बीघा के खेत में दो साल पहले थाईलैंड का थाई एप्पल, कश्मीरी एवं बाल सुंदरी बेर के पौधे लगाए थे। गीतेश ने बताया कि 25 फरवरी को वह झांसी में आयोजित बागवानी की प्रदर्शनी में थाई एप्पल बेर लेकर पहुंचे। क्वालिटी, सुंदरता और स्वाद में सबको पछाड़ते हुए थाई एप्पल बेर को पहला स्थान मिला। 80 से 100 ग्राम वजन का यह एक बेर प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रहा। उन्हें प्रमाण पत्र भी जिले के उद्यान्न विभाग की ओर दिया जाएगा। बताया बाग में पेड़ों के के बीच में छूटी खाली जगह में वे चना, मटर आदि की फसल कर वह दोहरी आय अर्जित कर लेते हैं। बड़े आकार और मिठास के कारण हरकोई इन बेरों को पसंद करता है। इसके अलावा उरई-राठ मार्ग पर, हमीरपुर, महोबा, पनवाड़ी, छतरपुर आदि जगहों के लोग भी यहां के बेर को खरीद कर ले जाते हैं। एक बार पौध लगाने के बाद वह करीब 15 साल तक फसल देता है।
विज्ञापन

50 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा बेर
कुसमिलिया के गीतेश थाई एप्पल बेर के 1600 पौधे 60 रुपसे प्रति पौधे के हिसाब से लाए थे। नमूने के तौर पर 10-10 पौधे कश्मीरी और बाल सुंदरी बेर प्रजाति के भी लगाए थे। यह प्रति पौधा 70 रुपये की दर से लाए थे। मजदूरी आदि खर्च जोड़कर इसकी कुल लागत लगभग तीन लाख रुपये आई। गीतेश ने बताया कि खेत में पौधों की रोपाई के बाद तीन महीने में यह बड़ा रूप ले लेते हैं। एक एकड़ के खेत में इन पेड़ों से करीब 200 क्विंटल बेर का उत्पादन होता है। वर्तमान में 50 से 60 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। इसकी सिंचाई कोई खास नहीं होती। बताया कि ज्यादा सिंचाई करने से बेर की मिठास कम हो जाती है। इसलिए कभी कभार ही सिंचाई करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed